महाराष्ट्र में टीपू सुल्तान पर गर्मा-गर्मी: बीजेपी ने कहा ‘पागल’, चप्पल की माला पहनाई

16 Feb 2026

शिवाजी महाराज बनाम टीपू सुल्तान पर विवाद, सीएम फडणवीस के हस्तक्षेप से सियासत गर्मायी, मामला बढ़ा तो कांग्रेस नेता ने दी सफाई, तुलना से किया इनकार

Tipu Sultan Photo Controversy: महाराष्ट्र में इन दिनों मैसूर के पूर्व शासक टीपू सुल्तान पर विवाद चल रहा है. बीते दिनों कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने छत्रपति शिवाजी महाराज की तुलना टीपू सुल्तान से की थी. इस पर बीजेपी ने आपत्ति जताई. मामले में राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हस्तक्षेप करने पर मामले ने तूल पकड़ लिया और बीजेपी को बैठे बिठाए एक सियासी मुद्दा मिल गया. हर्षवर्धन के बयान के विरोध में पुणे में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया. नारेबाजी की और उनके पोस्टर जलाए. विरोध के कई पोस्टर्स में हर्षवर्धन को 'हर्षउद्दीन टीपू सुल्तान' की संज्ञा दी जा रही है. प्रदेश कांग्रेस चीफ के खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया है.

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हालांकि विवाद बढ़ने पर हर्षवर्धन सपकाल ने कहा, 'मुझसे जो मूल प्रश्न पूछा गया था, मेरा वक्तव्य उसी संदर्भ में है. मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर दिखाने का जो प्रयास किया जा रहा है, वह निंदनीय है. मैं चर्चा के लिए तैयार हूं. जो प्रश्न पूछा गया था, मेरे उत्तर के संदर्भ में ही मेरा बयान है.' उन्होंने ये भी कहा कि शिवाजी महाराज की तुलना किसी से नहीं की जा सकती.

बीजेपी ने कसा तंज

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सपकाल के बयान को शर्मनाक बताया. उन्होंने कहा, 'कांग्रेस नेता को खुद पर शर्म आनी चाहिए. महाराष्ट्र इसे बर्दाश्त नहीं करेगा.' वहीं पार्टी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि महाराष्ट्र कांग्रेस प्रेसिडेंट का दिमाग खराब हो गया है, वह पागल हो गए हैं. उन्हें इसके लिए माफी मांगनी चाहिए. राहुल गांधी और सोनिया गांधी को उन्हें तुरंत हटा देना चाहिए.

बीजेपी ने चप्पल की माला पहनाई

सपकाल के बयान के विरोध में पुणे में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेता के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया और 'महापुरुषों का अपमान हिंदुस्तान नहीं सहेगा' जैसे नारे लगाए. कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर उनके पोस्टर जलाए और सपकाल के पोस्टर को चप्पलों की माला पहनाई.

क्या है पूरा मामला

दरअसल, सपकाल 14 फरवरी को बुलढाणा में मालेगांव नगर निगम के डिप्टी मेयर निहाल अहमद के ऑफिस में टीपू सुल्तान की तस्वीर हटाने पर हुए विवाद के बारे में बोल रहे थे. सपकाल ने कहा, 'टीपू सुल्तान को शिवाजी महाराज के बराबर मानना चाहिए. वे एक योद्धा और भारत के भूमिपुत्र के रूप में उभरे. उन्होंने कभी भी जहरीली सोच को नहीं अपनाया.' सपकाल ने ये भी कहा, 'छत्रपति शिवाजी महाराज की बहादुरी बेमिसाल है जबकि टीपू सुल्तान बहादुर और स्वराज प्रेमी थे. उन्होंने शिवाजी महाराज को आदर्श मानकर ही अंग्रेजों से युद्ध किया.'

कौन है टीपू सुल्तान

टीपू सुल्तान मैसूर के शासक थे. 1751 में जन्मे टीपू 1782 में पिता हैदर अली की मौत के बाद मैसूर की गद्दी पर बैठे. चौथे आंग्ल-मैसूर युद्ध (1799) में उनका निधन हो गया. टीपू फ्रांसीसियों पर काफी भरोसा करते थे. 1798 में टीपू और नेपोलियन के बीच पत्र व्यवहार हुआ था. इसमें नेपोलियन ने अंग्रेजों के खिलाफ एकजुटता और उन्हें उखाड़ फेंकने को कहा था. वहीं शिवाजी महाराज (1627-80) ने मुगलों और दक्खन (दक्षिण) की रियासतों से लोहा लेकर मराठा साम्राज्य की नींव रखी. शिवाजी ने हैंदवधर्मोधारक (हिंदू धर्म के रक्षक) की उपाधि धारण की थी.