कश्मीर की वादियों में प्यार हुआ, फिर आया ये ट्विस्ट, हाईकोर्ट ने पुलिस को दिया आदेश- हर हाल में ढूंढो शकीला को

9 Feb 2026

बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर हाईकोर्ट ने CRPF और पैरामिलिट्री फोर्स की मदद लेने का आदेश दिया, जम्मू पुलिस पर पति-पत्नी को अलग करने का आरोप, अब राजस्थान पुलिस की मदद भी नहीं कर रही

हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ में दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में एक अनूठी प्रेम कहानी सामने आई है. कुचामन-डीडवानी के सुदरासन गांव का जितेन्द्र कुछ समय पहले जम्मू में एक कंपनी में ठेके पर काम करने गया था. जहां उसकी मुलाकात अनंतनाग के अलसीदार गांव की शकीला से हुई. कुछ ही दिनों की ये मुलाकात प्यार में बदल गई और अब ये लव स्टोरी सोशल मीडिया के साथ ही राजस्थान पुलिस और न्यायपालिका में खासी चर्चित हो रही है.

ये भी पढ़े: SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट की दो टूक ! कहा- ममता बनर्जी का वकील के तौर पर पेश होना संविधान की ताकत का प्रतीक

याचिकाकर्ता जितेन्द्र का दावा है कि उसने शकीला के परिजनों की सहमति से फिरोजपुर में उससे शादी की और लिव-इन रिलेशनशिप का सर्टिफिकेट भी बनवाया. लेकिन बाद में शकीला के परिजनों ने उसकी गुमशुदगी दर्ज करवा दी. इस पर जम्मू पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया, इसके बावजूद शकीला ने जितेन्द्र के खिलाफ कोई बयान नहीं दिया. लेकिन पुलिस ने जितेन्द्र ने अकेले ही उसके घर भेज दिया और शकीला को उससे अलग कर दिया. इसके जितेन्द्र का अपनी पत्नी से संपर्क टूट गया. लेकिन जितेन्द्र ने हार नहीं मानी और आखिरकार हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर दी. बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas Corpus) याचिका पर सुनवाई के दौरान चौंकाने वाले खुलासे हुए.

CRPF और पैरामिलिट्री फोर्स की मदद लेगी पुलिस
हाईकोर्ट की खंडपीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए मामले को गंभीरता से लिया है. जस्टिस विनीत कुमार माथुर और चंद्र शेखर शर्मा की खंडपीठ ने इस मामले में राजस्थान पुलिस को आदेश दिया है कि शकीला को जल्द से जल्द तलाश कर कोर्ट में पेश किया जाए. जम्मू और कश्मीर में अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने पर हाईकोर्ट ने मामले में सीआरपीएफ और पैरामिलिट्री फोर्स के सुरक्षा घेरे में ऑपरेशन चलाने का आदेश दिया है.

हाईकोर्ट ने हर हाल में शकीला को ढूंढने का दिया आदेश
कोर्ट ने बरड़वा थाने के एसएचओ महेंद्र सिंह पालावत को सख्त निर्देश दिए हैं कि 23 फरवरी तक हर हाल में शकीला को ढूंढकर अदालत के समक्ष पेश किया जाए. सीआई महेंद्र सिंह पालावत ने बताया कि वे पहले भी अनंतनाग और पुलवामा के कई गांवों की खाक छान चुके हैं, लेकिन अब फोर्स के साथ वे नए सिरे से सर्च ऑपरेशन शुरु करेंगे.

मामले में सामने आया कि इस मामले को दबाने के लिए स्थानीय स्तर पर काफी रसूख का इस्तेमाल किया गया. बताया गया कि एक वकील ने पुलिस टीम को गुमराह करते हुए कहा कि शकीला की ओर से श्रीनगर में याचिका लगाई गई है, जो बाद में सफेद झूठ निकला. राजस्थान पुलिस की टीम अब तक तीन बार कश्मीर जा चुकी है, लेकिन हर बार उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा. आतंक प्रभावित इलाकों में रात में तलाशी लेने से स्थानीय पुलिस ने मना कर दिया और राजस्थान पुलिस को औपचारिकताएं पूरी कर वापस बैरंग भेज दिया.