गहलोत निकलें होटल से बाहर, मंत्री व विधायकों को भी छोडें खुला, जिससे जनता के हो सकें काम- पूनियां

प्रदेश की जनता की इम्युनिटी पावर अच्छी है, ऐसे में कोरोना की मार से जनता तो बच जाएगी, लेकिन कांग्रेस की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम लगती है- सतीश पूनियां

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Politalks.News/Rajasthan. प्रदेश में सीएम अशोक गहलोत व सचिन पायलट के बीच की आपसी खींचतान के चलते आए सियासी संकट के मौके को भाजपा किसी भी सूरत में खोना नहीं चाहती है. प्रदेश के मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में भाजपा के पास सत्ता हथियाने का मौका तो ना के बराबर है लेकिन भाजपा नेता सीएम गहलोत पर निशाना साधने का कोई मौका मौजूदा समय में नहीं छोड रहे हैं. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनियां ने गुरूवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीएम गहलोत द्वारा पीएम मोदी को लिखे गए पत्र को लेकर सीएम गहलोत पर जमकर निशाना साधा. इसके साथ ही कहा कि कोरोना संकटकाल में प्रदेश की जनता की इम्युनिटी क्षमता अच्छी है, इसलिए कोरोना से तो प्रदेश की जनता बच जाएगी, लेकिन कांग्रेस की इम्युनिटी पावर कमजोर लगती है.

सतीश पूनियां ने गहलोत सरकार पर राजनीतिक संकट को लेकर पूछे गये सवाल के जवाब में कहा कि गहलोत सरकार को जनता का ख्याल नहीं है, लेकिन प्रदेश की जनता की इम्युनिटी पावर अच्छी है, ऐसे में कोरोना की मार से जनता तो बच जाएगी, लेकिन कांग्रेस की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम लगती है. पूनियां ने सीएम गहलोत द्वारा पीएम मोदी को लिखे पत्र पर कहा कि मुख्यमंत्री ने अपनी नैतिक तौर पर हार मान ली है. इसके साथ ही केरल में विश्व की पहली कम्यूनिस्ट सरकार को कांग्रेस द्वारा अपदस्त करने का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी पार्टी को टूटने से नहीं बचा पा रही और बहुमत की स्थिति में नहीं दिख रही, ऐसे में बार-बार लोकतंत्र का अपमान करने वाली कांग्रेस को लोकतंत्र याद आ रहा है.

सतीश पूनियां ने आगे कहा कि राज्य में फसलों पर टिड्डियों का हमला, कोरोना का संकट, रोजगार पर बात करने और इन मुद्दों पर काम करने के बजाए मुख्यमंत्री अपनी सरकार को लेकर एक होटल में बैठे हैं, जनता पूछ रही है कि राज्य में सरकार कहां पर है? ऐसे में मुख्यमंत्री को चाहिए कि खुद भी होटल से बाहर निकलें और मंत्रियों व विधायकों को भी खुला छोड़ें, जिससे वो अपने क्षेत्र में जाएं, जहां पर प्रदेश की आम जनता इस संकटकाल में उनको ढूंढ रही है, जिससे उनके काम हो सकें.

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पूनियां ने कहा कि कार्यपालिका, विधायिका और न्यायापालिका भारत के संविधान की खूबसूरती है और उनके अपने अपने कार्य और महत्व हैं. सीएम गहलोत ने नैतिकता की दुहाई देते हुए जो पत्र प्रधानमंत्री जी को लिखा है, मैं उनको याद दिलाना चाहता हूं कि कांग्रेस द्वारा 1957 से 1990 के अंतिम तक कई राज्य सरकारों को बर्खास्त किया गया. इसलिए मुख्मयंत्री को याद रखना चाहिए कि कांग्रेस सरकारों द्वारा संविधान की धज्जियां उड़ाई हैं, फिर किस नैतिकता की बात करते हैं. सरकार एक बाड़े में बंद है और प्रदेश की आम जनता विपदा से गुजर रही है, फसलों पर टिड्डियों के हमले से किसान परेशान हैं, सभी मुद्दों पर विफल हो चुकी एवं अपनी असफलताओं को छुपाने के लिये राज्य की सरकार ने आरोप लगाने के लिये भाजपा को एक कंफर्ट एजेंसी मान लिया है.

सतीश पूनियां ने आगे कोरोना संक्रमित क्षेत्रों का जिक्र करते हुए कहा कि भीलवाडा मॉडल की झूठी वाहवाही लूटकर मुख्यमंत्री खुद की पीठ थपथपाते हैं, लेकिन इसका सबसे बड़ा कारण वहां कि जनता, वहां के स्वास्थ्यकर्मी, सफाईकर्मी और उन लोगों का योगदान था, जो संयम से रहे और कानून व दिशा निर्देशों की पालना की. जोधपुर मुख्यमंत्री गहलोत का गृह क्षेत्र है, लेकिन कबूतरों का चौक, कोटा का मकबरा मॉडल और जयपुर में रामगंज मॉडल को मुख्यमंत्री कभी स्वीकार नहीं करते हैं, जबकि इन मॉडल्स की विफलता को भी उन्हें स्वीकार करना चाहिए.

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