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लोकसभा चुनाव के लिए ‘मिशन-25’ की तैयारी में जुटे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार की ओर से आचार संहिता लगने से पहले लोकलुभावन घो​षणाओं का सिलसिला जारी है. दिल्ली में केजरीवाल सरकार की तर्ज पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की 2.08 करोड़ ग्रामीण और 56 लाख शहरी आबादी को पीने के पानी की मुफ्त आपूर्ति की घोषणा की है. यह व्यवस्था आने वाली एक अप्रेल से लागू होगी. मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इससे लोगों को सालाना 161 करोड़ रुपये की बचत होगी.

सरकार के आदेश के मुताबिक ग्रामीण ग्रामीण क्षेत्रों में 40 एलपीसीडी पानी के उपभोग तक वाटर चार्ज अब नहीं लिया जाएगा. इससे प्रदेश की करीब 2.8 करोड़ ग्रामीण आबादी लाभान्वित होगी. जबकि शहरी क्षेत्रों में चालू मीटर वाले कनेक्शन पर 15 किलो लीटर मासिक उपभोग तक वाटर चार्ज तथा वर्तमान व्यवस्था के तहत लिए जा रहे सीवरेज और विकास शुल्क अथवा सरचार्ज अब नहीं लिए जाएंगे. शहरी क्षेत्रों में जहां फ्लैट रेट बिलिंग की व्यवस्था है, वहां भी वाटर चार्ज नहीं लिया जाएगा.

सा​थ ही मुख्यमंत्री ने जलदाय विभाग को शहरी क्षेत्रों में सघन अभियान चलाकर अगले दो वर्ष में बंद पडे़ मीटर बदलने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं. मीटर चालू हालत में आने के बाद ऐसे शहरी कनेक्शनों पर भी प्रति कनेक्शन 15 किलो लीटर मासिक उपभोग तक कोई वाटर चार्ज नहीं लिया जाएगा. मुफ्त पानी की इस घोषणा के दायरे में बहुमंजिला इमारतें नहीं आएंगी, क्योंकि इनमें सोसाइटी के जरिये एक ही कनेक्शन दिया जाता है. ऐसे में पानी के उपभोग की गणना करना आसान नहीं होता.

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