पॉलिटॉक्स न्यूज. अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन और शिलान्यास को 48 घंटों से ज्यादा बीत चुके हैं लेकिन पक्ष-विपक्ष के बीच बयानबाजी का दौर बदस्तूर जारी है. मध्य प्रदेश की सियासी चौसर पर तो नित नई बयानबाजी और शह मात का खेल लगातार खेला जा रहा है. इसी कड़ी में शुक्रवार को प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने बीजेपी से सवाल पूछा- क्या राम मंदिर शिलान्यास के बाद हम राम राज्य की उम्मीद करें? भगवान राम ने अपने पिता के द्वारा दिए गए वचन निभाने के लिए 14 साल वनवास काटा, क्या हमारे राजनेता भी वचन निभाएंगे? इस पर पलटवार करते हुए प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने शानदार जवाब दिग्गी राजा को दिया.
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गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा तंज करते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह का बयान अपरोक्ष रूप से कमलनाथ पर कटाक्ष है. कमलनाथ ने 15 महीने की सरकार में अपना कोई वचन नहीं निभाया जबकि केंद्र सरकार ने सभी वचन निभाए हैं. राज्य सरकार ने भी अपने सभी वादों को निभाया है. फिर चाहे वो धारा 370 हटाना हो, राममंदिर बनाना या फिर तीन तलाक़. केंद्र सरकार ने सभी वचनों को निभाया है.
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दरअसल दिग्गी राजा ने तो ये सवाल प्रदेश की शिवराज सरकार और केंद्र की मोदी सरकार को लेकर किया था लेकिन नरोत्तम मिश्रा ने तो सवाल को ही कमलनाथ की तरफ घुमा दिया.
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बता दें, राम मंदिर के मुद्दे को लेकर मध्यप्रदेश कांग्रेस दो गुटों में बंटी नजर आ रही है. एक तरफ तो प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राम मंदिर निर्माण का स्वागत किया और सुंदरकांड का पाठ तक करा दिया. वहीं वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर निर्माण के मुहूर्त को ही अशुभ बता दिया था. उन्होंने कहा था कि सनातम धर्म राम मंदिर के शिलान्यास के मुहूर्त को शुभ नहीं मानता. हालांकि मंदिर के भूमि पूजन के बाद दिग्विजय सिंह ने अपने बयान से पल्ला झाड़ लिया था. गौरतलब है कि 5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का शिलान्यास एवं भूमि पूजन किया था.