डीडवाना एएसपी के शब्द राज्य के विधायकों का अपमान, मुख्यमंत्री जी लें मामले में तुरन्त संज्ञान- बेनीवाल

डीडवाना एएसपी के शब्द राज्य के विधायकों का अपमान
7 Jun 2021
Politalks.News/Rajasthan. RLP संयोजक व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने डीडवाना एएसपी संजय गुप्ता द्वारा एक व्हाट्सप्प ग्रुप में नागौर की जनता, नेता एवं विधायकों पर गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद, कार्यवाही ना किये जाने को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का पुरे मामले पर धयान आकर्षित किया है. सांसद बेनीवाल ने इस सम्बंध में सीएम गहलोत को सम्बोधित करते हुए कहा कि ASP के शब्दों ने न केवल नागौर जिले के, बल्कि राज्यों के विधायकों का अपमान किया है, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी आपको व्यक्तिगत रुप से मामले में तत्काल संज्ञान लेने की जरूरत है. दरअसल डीडवाना एएसपी संजय गुप्ता ने एक व्हाट्सप्प ग्रुप में जिले के विधायकों, नेताओं पर गंभीर आरोप लगते हुए अवैध खनन, अवैध कारोबार के साथ साथ अफीम-डोडा तस्करों के साथ मिलीभगत के आरोप लगाए थे, हालांकि इसके तुरंत ही बाद गुप्ता ने अपनी पोस्ट डिलीट कर दी थी. दरअसल डीडवाना एएसपी संजय गुप्ता द्वारा एक व्हाट्सएप ग्रुप में की गई चैट वायरल हो रही है. जिसमें एएसपी ने लिखा कि, 'नागौर की जनता जानती है कि नागौर में कौन-कौन से नेता हैं जो अफीम डोडा पोस्त के तस्करों को, सटोरियों को जुआरियों को, भू माफियाओं को संरक्षण देते हैं. नागौर की जनता इतनी जागरूक है और उन्हें ये अच्छी तरह से मालूम है कि अवैध कारोबारियों और खनन कार्यों में कौन-कौन से नेताओं की हिस्सेदारी है किन-किन लोगों के रिश्तेदार यह कार्य कर रहे हैं. कुछ लोगों द्वारा माननीय एसपी साहब के खिलाफ जो षड्यंत्र के तहत जो आरोप लगाए जा रहे हैं उसको नागौर की जनता समझती हैं'. संजय गुप्ता ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा कि 'माननीय एसपी साहिबा लगभग 1 साल का कार्यकाल शानदार रहा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों कर्मचारियों और भ्रष्ट नेताओं की नींद उड़ी रही, और संज्ञान में आते ही हर तरह के अपराधियों के खिलाफ चाहे वो कितना भी प्रभावशाली हो, उसका किसी भी नेता को संरक्षण प्राप्त हो, उनकी गिरफ्तारी तत्काल हुई है. लेकिन एसपी साहब का कार्यकाल और कार्यशैली नागौर की जनता नागौर के नेताओं को रास नहीं आ रही है और ना ही उच्च अधिकारियों के संरक्षण से और विधायकों के dizire सिस्टम से आए हुए थानेदार और CI लेवल के अधिकारियों को पसंद आ रही है. ऐसे अधिकारी और विधायक अपने आपको फ्री हैंड नहीं महसूस कर पा रहे हैं'. यह भी पढ़े: डीजीपी के बाद अब बेनीवाल ने सीएम गहलोत को पत्र लिखकर की एसपी को शीघ्रताशीघ्र हटाने की मांग एएसपी संजय गुप्ता द्वारा की गई इस पोस्ट को लेकर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के मुखिया एवं नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने इस मामले पर गहलोत सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए एक के बाद एक कई ट्वीट किये. हनुमान बेनीवाल अपने पहले ट्वीट में कहा कि अशोक गहलोत जी एक तरफ आप जनता के चुने हुए जन-प्रतिनिधियों के सम्मान की बात करते हैं, जबकि 24 घण्टे हो जाने के बावजूद नागौर जिले के डीडवाना में कार्यरत एडिशनल एसपी द्वारा शब्दों से जनता के चुने हुए विधायको का अपमान किया गया उस पर कोई कार्यवाही नही हुई ? वहीं अपने दूसरे ट्वीट में हनुमान बेनीवाल व्हट्सप्प पोस्ट का जिक्र करते हुए लिखा कि एडीशनल एसपी डीडवाना ने जो लिखा उसमें उन्होंने न केवल राजस्थान पुलिस के उच्च अधिकारियों व गृह मंत्रालय, बल्कि जनता के चुने हुए विधायकों के संदर्भ में उनके प्रोटोकॉल की अवहेलना भी की है. गहलोत सरकार को ऐसे अधिकारी पर कार्यवाही करनी चाहिए ताकि एक संदेश ऐसे अफसरों में जाये. यह भी पढ़े: महापौर के निलंबन की इतिहास की पहली कार्रवाई पर सियासी बवाल, ‘विनाश काले विपरीत बुद्धि’- पूनियां हनुमान बेनीवाल ने आगे कहा कि ASP के शब्दों ने न केवल नागौर जिले के बल्कि राज्यो के विधायकों का अपमान किया है,आपको व्यक्तिगत रुप से मामले में तत्काल संज्ञान लेने की जरूरत है. वहीं शनिवार को सीएम गहलोत को लिखे पत्र का जिक्र करते हुए हनुमान बेनीवाल ने लिखा कि अशोक गहलोत जी आपको पत्र प्रेषित करके व ट्वीट के माध्यम से नागौर पुलिस की कप्तान के सम्बन्ध में सट्टा कारोबार प्रकरण में उनकी भूमिका की जांच ADG रैंक के अधिकारी से करवाने की मांग भी की थी, जिस पर भी आपको तत्काल निर्णय लेना चाहिए. ASP डीडवाना ने अपने शब्दों में जिस तरह डिजायर प्रथा का जिक्र किया वो प्रत्यक्ष रूप से चुनी हुई सरकार के सिस्टम को चुनौती है. इसके साथ ही हनुमान बेनीवाल ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी से भी इस पुरे मामले पर तुरंत संज्ञान लेने की बात कही. बेनीवाल ने ट्वीट करते हुए लिखा, राजस्थान विधानसभा के माननीय अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी जी, नागौर जिले के डीडवाना में कार्यरत Ad.SP ने एक वाट्स एप ग्रुप में माननीय विधायकों के सम्बन्ध में जो अशोभनीय व गैर-जिम्मेदाराना पोस्ट की है उस पर आपको व्यक्तिशः संज्ञान लेना चाहिए. बेनीवाल ने आगे कहा कि चूंकि प्रोटोकॉल व विधायक पद की गरिमा के संरक्षण हेतु आपसे भी अपेक्षाएं है. एक पुलिस अधिकारी ने खुले तौर पर न केवल राजस्थान सरकार के सिस्टम बल्कि राजस्थान विधानसभा द्वारा विधायकों को प्रदत प्रोटोकॉल को भी चुनौती दी है. आप मामले में शासन को भी निर्देशित करें.