अब डिजिटल फ्रॉड होने पर मिलेगा मुआवजा, जल्द जारी होगी गाइडलाइन, छोटे कारोबारियों को बिना गारंटी डबल लोन

6 Feb 2026

EMI में कोई बदलाव नहीं, RBI मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक के बाद घोषणा, महंगाई दर भी 2.1% रहने का अनुमान, 2026-27 की पहली तिमाही में विकास दर का 7% रहने की उम्मीद

मुंबई। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में साल 2026 की पहली मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक में कई अहम घोषणाएं की गई है. तीन दिन तक चली इस बैठक के बाद भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने नई मौद्रिक नीति का ऐलान किया. RBI गवर्नर ने कई बड़ी घोषणाओं के साथ ही सीधे आम आदमी से जुड़ी ये महत्वपूर्ण घोषणा की है. जी हां अब डिजिटल फ्रॉड होने पर 25,000 रुपये तक का मुआवजा मिलेगा. आए दिन सामने आ रहे डिजिटल फ्रॉड के मामलों के चलते आम लोगों को विश्वास डगमगाने लगा है इसी चिंता को ध्यान में रखते हुए ये घोषणा की गई है. इससे ऑनलाइन बैंकिंग में धोखाधड़ी होने पर ग्राहकों को अपनी मेहनत की कमाई खोने का डर कम करने में मदद मिलेगी.

RBI ने एक नया फ्रेमवर्क प्रस्तावित किया है, जिसके तहत छोटे मूल्य के डिजिटल फ्रॉड होने पर ग्राहकों को कुल नुकसान के 85% या 25,000 रुपए तक के मुआवजे से नुकसान की भरपाई की जा सकेगी. इसके लिए जल्द गाइडलाइन जारी होगी. इसके अलावा, बुजुर्गों के लिए एडिशनल ऑथेंटिकेशन जैसे सुरक्षा फीचर लाए जाएंगे ताकि उन्हें ठगी से बचाया जा सके.

ये भी पढ़े : ‘जनता ने आपको नकार दिया’- इस मामले में SC ने प्रशांत किशोर को लगाई फटकार, CJI ने दी ये सलाह

रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं
आरबीआई गवर्नर ने कहा कि ग्लोबल अनिश्चितताओं के बीच भारत का प्रदर्शन बेहतर रहा है. आरबीआई ने दिसंबर 2025 में रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती की थी. साल 2025 में कुल चार बार कटौती की गई. लेकिन इस बार आरबीआई ने पॉलिसी में कोई बदलाव नहीं किया है. यानी रेपो रेट जस की तस बनी रहेगी. वर्तमान में रेपो रेट 5.25 फीसदी है. इसका सीधा मतलब है कि फिलहाल आपके होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन की EMI नहीं बढ़ेगी. RBI अभी अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने पर ध्यान दे रहा है.

छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत
RBI ने छोटे उद्यमियों को भी बड़ी राहत दी है. RBI ने MSME के लिए बिना गारंटी लोन की सीमा भी 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने की घोषणा की है. अब छोटे उद्यमियों को अपना कारोबार बढ़ाने के लिए बैंक लोने के लिए कम चक्कर काटने पड़ेंगे और ज्यादा लोन मिल सकेगा. छोटे उद्यमी बिना जमीन या जेवर गिरवी रखे दोगुना लोन ले सकेंगे.

साल 2025-26 के लिए औसत महंगाई दर 2.1% रहने का अनुमान है, जो कि काफी राहत भरा है. हालांकि, गवर्नर ने चेतावनी दी है कि जनवरी से मार्च 2026 के बीच यह आंकड़ा थोड़ा बढ़कर 3.2% हो सकता है. यह बढ़ोतरी तकनीकी कारणों की वजह से होगी, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है. भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया में सबसे तेज दौड़ रही है. अगले साल 2026-27 की पहली तिमाही के लिए विकास दर का अनुमान बढ़ाकर 7% कर दिया गया है.