



Rajasthan Politics: राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को कफ सीरप से मौतों का मामला तूफान बनकर गूंजा, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए. प्रश्नकाल के दौरान विधायक हरिमोहन शर्मा ने मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा वितरण योजना और आरजीएचएस को लेकर सरकार को घेरते हुए मरीजों की संख्या बढ़ने के बावजूद दवा खर्च कम होने, बकाया भुगतान और गरीबों को दवाइयां नहीं मिलने जैसे गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कफ सीरप की जांच और दोषियों पर कार्रवाई का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया, जिस पर सदन का माहौल पूरी तरह गर्म हो गया.
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नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी पूरक प्रश्न करते हुए कफ सीरप से हुई मौतों पर सीधी कार्रवाई पूछी. जवाब में स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र खींवसर ने कहा कि राजस्थान में 2 से 5 मौतें हुई हैं, लेकिन वे दवा की वजह से नहीं बल्कि ओवरडोज से हुईं, जब माता-पिता ने बच्चों को गलत तरीके से दवा दे दी. मंत्री ने डॉक्टरों और सरकार को दोषमुक्त बताते हुए कहा कि बिना सरकारी प्रिस्क्रिप्शन के दवा नहीं दी गई और कांग्रेस शासन में भी यही दवा दी जाती थी.
इस पर विपक्ष ने मंत्री के जवाब को असंवेदनशील बताते हुए तीखा विरोध दर्ज कराया. आखिर में स्पीकर वासुदेव देवनानी ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि एक भी मौत बेहद पीड़ादायक है और स्वीकार्य नहीं, मामले की गहराई से जांच कराई जाएगी. स्पीकर की टिप्पणी के बावजूद कफ सीरप मौतों को लेकर सदन में सियासी तापमान ऊंचा बना रहा.


