‘ब्राह्मण हूं, कभी भी हो सकता है एनकाउंटर’ बाहुबली विधायक विजय मिश्रा ने जारी किया वीडियो

Vijay Mishra Mla Up
13 Aug 2020
PoliTalks.news/UP. उत्तर प्रदेश में जिस तरह गैंगस्टर और बाहुबली नेताओं पर सरकार व यूपी पुलिस द्वारा नकेल कसी जा रही है, दोनों के हौसले पस्त हो चुके हैं. गैंगस्टर विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद तो आलम ये है कि बाहुबली नेता भी जान की भीख मांगते दिख रहे हैं. हाल में एक बाहुबली विधायक ने एक वीडियो जारी करते हुए अपना एनकाउंटर होने की आशंका व्यक्त की है. वीडियो में विधायक ने कहा कि मैं ब्राह्मण हूं, इसलिए कभी भी मेरा एनकाउंटर हो सकता है. ये विधायक हैं निषाद पार्टी के बाहुबली नेता विजय मिश्रा, जो यूपी के भदोही विधानसभा क्षेत्र से विधानसभा सदस्य है. विजय मिश्रा ने एक वीडियो जारी कर कहा कि ब्राह्मण होने के नाते उन्हें परेशान किया जा रहा है और पुलिस कभी भी उनका एनकाउंटर कर सकती है. वीडियो में विधायक मिश्रा ने कहा, 'मेरी पत्नी रामलली और बेटे विष्णु को फर्जी मामले में फंसाया जा रहा है. ब्राह्मण होने के नाते उन्हें परेशान किया जा रहा है, क्योंकि वो ब्राह्मण होकर चार बार से विधायक हैं.' विजय मिश्रा यह कहते दिख रहे हैं कि उनके साथ ये सब इसलिए हो रहा है ताकि बनारस या चंदौली का कोई माफिया यहां आकर चुनाव लड़ सके. बलिया के किसी बेटे को चुनाव लड़ने की बात भी कर रहे हैं इसीलिए उनकी हत्या कराई जा सकती है. सपा के दौर में बाहुबली विजय मिश्रा की पूर्वांचल में तूती बोलती थी. विजय मिश्रा का राजनीतिक सफर कांग्रेस से शुरू होकर समाजवादी पार्टी और बाद में निषाद पार्टी तक पहुंचा है. कांग्रेस से 30 साल पहले भदोही में ब्लॉक प्रमुख बनने वाले विजय मिश्रा ज्ञानपुर सीट से 2002, 2007 और 2012 में सपा के टिकट पर विधानसभा का सफर तय किया. 2017 के वि.स.चुनाव में सपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया था, तो वे निषाद पार्टी से चुनावी मैदान में उतरे और मोदी लहर के बावजूद जीतने में कामयाब रहे. विजय मिश्रा पर पहले से ही छोटे-बड़े मिलाकर करीब 64 मामले दर्ज हैं. यह भी पढ़ें: सचिन पायलट खेमे की वापसी का राज – गांधी परिवार के बड़े वफ़ादार केसी वेणुगोपाल के पास अपने वीडियो में निषाद विधायक ने यहां तक कहा है कि कभी भी किसी भी समय या आज रात को ही उनकी हत्या हो सकती है. उन्होंने कहा कि मैं चार बार का विधायक हूं. ऐसे में कुछ लोग नहीं चाहते कि जनपद से कोई चुनाव लड़े. इसके लिए विधायक विजय मिश्रा ने एक पत्र भी यूपी सरकार को भेजा है. दरअसल, हाल ही में विधायक विजय मिश्रा, उनकी पत्नी मीरजापर-सोनभद्र एमएलसी रामलली मिश्रा और उनके कारोबारी पुत्र विष्णु मिश्रा पर कृष्णमोहन तिवारी नाम के व्यक्ति ने मुकदमा दर्ज कराया है. पुलिस ने 8 अगस्त को विजय मिश्रा, उनकी पत्नी और बेटे पर मारपीट करने और उनकी संपत्ति हड़पने का आरोप लगाया था. हाल ही में एक व्यक्ति को धमकी देने के कारण उन पर गुंडा एक्ट भी लगा था. इस सभी आरोपों का खंडन करते हुए विधायक विजय मिश्रा ने कहा कि कि आरोप लगाने वाले रिश्तेदार का मकान अलग और उनका मकान अलग है, कागजात में भी यही लिखा है. विजय मिश्रा ने प्रशासन पर भी उनके खिलाफ षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया. विधायक ने कहा कि सारे विरोधी नेता और पुलिस विभाग मिला हुआ है. बिना जांच पड़ताल के एफआईआर दर्ज हो रही है जो कि सरासर गलत है. उस वक्त भी उन्होंने कहा था कि विधायक ने कहा कि सब लोग उन्हें मारना चाहते हैं क्योंकि वह ब्राह्मण हैं.