



कांग्रेस मंत्री पर लग रहे छह हजार करोड़ के घोटाले के गंभीर आरोप, बीजेपी के साथ सहयोगी जनता दल (एस) भी विरोध में शामिल, इस्तीफे की मांग
कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायकों ने बुधवार रात राज्य की विधानसभा में बिताई. हालांकि यह एक सांकेतिक धरना था जो विधानसभा में रातभर चला. बीजेपी के विधायक कांग्रेस सरकार में एक मंत्री पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए उसे निलंबित करने की मांग कर रहे थे. बीजेपी विधायकों का यह विरोध प्रदर्शन का लगातार दूसरा दिन रहा. तीसरे दिन गुरुवार को सदन में हंगाम और धरना प्रदर्शन जारी रह सकता है.
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कर्नाटक बीजेपी के विधायक एक्साइज विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए एक्साइज मंत्री आर.बी. तिम्मापुर के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. बीजेपी का दावा है कि आबकारी विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है और शराब लाइसेंस जारी करने के लिए रिश्वत मांगी जा रही है. साथ ही एक्साइज मंत्री विभाग के माध्यम से सालाना लगभग छह हजार करोड़ रुपए इकट्ठा कर रहे हैं. बीजेपी ने यह भी आरोप लगाया कि सत्ताधारी कांग्रेस इस पैसे का इस्तेमाल चुनावी राज्यों में पार्टी के वित्त पोषण के लिए कर रही है. इसी के चलते विपक्ष के नेता आर. अशोक के नेतृत्व में बीजेपी और सहयोगी जनता दल (सेक्युलर) के विधायकों ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ आंदोलन के तहत और धरना प्रदर्शन के तहत विधानसभा परिसर में रात बिताई. जनता दल भी इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा ले रही है.
मंत्री का दावा - भ्रष्टाचार के आरोप झूठे
इधर, कांग्रेसी विधायक एवं मंत्री तिम्मापुर ने दावा किया कि उन्होंने मंत्री बनने के बाद प्रक्रिया को सरल बनाया और परामर्श प्रणाली शुरू की. प्रत्येक पांच साल में नवीनीकरण का प्रावधान किया क्योंकि सालाना नवीनीकरण से परेशानी होती थी. सीएल-7 के लिए 16 'लॉगइन' की आवश्यकता होती थी, जिससे प्रक्रिया में देरी होती थी. इस 'लॉगइन' को घटाकर सात कर दिया. कमजोर वर्ग के लोगों को लाइसेंस का लाभ देने के लिए ई-नीलामी शुरू की गयी है. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के सभी आरोप निराधार हैं.
क्या है पूरा मामला
हालिया घटनाक्रम 16 जनवरी को बेंगलुरु शहरी जिले के आबकारी उपायुक्त जगदीश नाईक और दो अन्य अधिकारियों की लोकायुक्त अधिकारियों द्वारा 25 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए कथित तौर पर गिरफ्तारी के बाद सामने आया. लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार, उन पर सीएल-7 (होटल और बोर्डिंग हाउस) और 'माइक्रो ब्रूअरी' लाइसेंस जारी करने के लिए 80 लाख रुपये की मांग करने का आरोप है. इसी को मुद्दा बनाते हुए बीजेपी सहित विपक्षी दल ने मंत्री आर.बी. तिम्मापुर से इस्तीफे की मांग की. इधर, तिम्मापुर इस्तीफे की मांग को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि बीजेपी सरकार के दौरान किसी भी मंत्री ने कभी इस्तीफा नहीं दिया. अब देखना ये होगा कि बीजेपी इस राजनीतिक मुद्दे को कितना खींच पाती है.


