भारतीय जनता पार्टी के अब तक 12 बॉस: जानें कब कौन रहा बीजेपी का अध्यक्ष

bfcd1250 a509 44c2 93a0 b7a109ff9c46
21 Jan 2026
नितिन नबीन को भारतीय जनता पार्टी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. उन्होंने जेपी नड्डा की जगह ली. जेपी ने 2020 से अब तक बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के बतौर कार्यभार संभाला और दिल्ली, बिहार, राजस्थान,  महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों में 'कमल' खिलाने में अहम भूमिका निभाई. अब यह जिम्मेदारी युवा चेहरा नितिन नबीन के कंधों पर आ गयी है, जो 45 साल की आयु में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने वाले पहले कम उम्र व्यक्ति हैं. उनके समक्ष पश्चिम बंगाल और तमिलनाडू के आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव हैं. नितिन नबीन बीजेपी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि 45 साल पुरानी पार्टी के पिछले 11 बॉस कौन रहे हैं? कमाल की बात ये भी है कि बीजेपी को बुलंदियों पर पहुंचाने वाले और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कभी पार्टी के सर्वोपरी पद पर नहीं रहे. स्थापना से लेकर अब तक 12 अध्यक्ष अटल बिहारी वाजपेयी (1980-86) - भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्व.अटल बिहारी वाजपेयी को भारतीय जनता पार्टी स्थापित करने का श्रेय जाता है. बीजेपी की स्थापना वर्ष 1980 में हुई. उस समय कांग्रेस देशभर में अपना डंका बजा रही थी. उससे पहले आरएसएस समर्थित जनसंघ नाम की पार्टी थी लेकिन वक्त की परिस्थितियों को भांपते हुए बीजेपी का उदय हुआ. अटल पार्टी के पहले मुखिया बने और 1980 से 1986 तक राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे. पार्टी को शुरूआती दौर में संगठित किया और बीजेपी को जगह जगह पहुंचाया. अटल 1998 में देश के प्रधानमंत्री बने और परमाणु परीक्षण ऐसे बड़े कारनामों को अंजाम तक पहुंचाया. लाल कृष्ण आडवाणी (1986-90, 1993-98, 2004-05) - बीजेपी के अनुभवी और भीष्मपिता माने जाने वाले लाल कृष्ण आडवाणी पार्टी के सबसे अधिक समय तक बने रहने वाले बॉस हैं. आडवाणी तीन बार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने. उन्होंने राम जन्म​भूमि आंदोलन से पार्टी को राष्ट्रीय पहचान दिलाई और बाद में अटल राज में उप प्रधानमंत्री भी रहे. पार्टी को सत्ता में लाने का श्रेय भी आडवाणी को ही जाता है. उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते हुए ही पार्टी सत्ता में आयी. जब पार्टी सत्ता में आयी, तब अनुभवी होने के बाद आडवाणी का नाम बतौर प्रधानमंत्री सबसे पहले पायदान पर रहा लेकिन उन्होंने वाजपेयी को आगे करते हुए पार्टी की रीढ बनने का फैसला किया. मुरली मनोहर जोशी (1991-93) - अटल और आडवाणी की तरह ही मुरली मनोहर जोशी भी पार्टी के अनुभवी नेता रहे. उन्होंने 1991 में पार्टी के तीसरे राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर कार्यभार संभाला. जोशी ने पार्टी को नई दिशा दिलाई और शिक्षा एवं सांस्कृति जैसे मुद्दों पर जोर दिया. लंबे तक तक सांसद रहकर लोकसभा में पार्टी का प्रतिनिधित्व भी किया. कुशाभाउ ठाकरे (1998-2000) - अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री और आडवाणी के उप प्रधानमंत्री बनने के बाद कुशाभाउ ठाकरे को पार्टी का चौथा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया. मराठी छवि वाले ठाकरे ने पार्टी को राज्यों में विस्तार देने में महत्पूर्ण भूमिका निभाई. बंगारू लक्ष्मण (2000-01) - बेहद अल्पकाल के लिए पार्टी के बॉस बने बंगारू लक्ष्मण दक्षिण भारत से आने वाले पार्टी के पहले अध्यक्ष बने. उन्होंने पार्टी को दक्षिणी राज्यों में फैलाने की कोशिश की.   के.जन कृष्णामूर्ति (2001-02) - कृष्णामूर्ति का कार्यकाल भी अल्पकालीन रहा लेकिन उन्होंने संगठनात्मक मजबूती पर ध्यान दिया.   एम.वेंकैया नायडू (2002-04) - वेंकैया नायडू पार्टी के 7वें राष्ट्रीय अध्यक्ष बने और बाद में देश के उप राष्ट्रपति बने. उन्होंने लंबे समय तक राज्यसभा में अपना कार्यकाल का निर्वाह किया.   राजनाथ सिंह (2005-09, 2013-14) - अटल राज छिनने के बाद अनुभवी राजनाथ सिंह को पार्टी का अगला बॉस बनाया गया. राजनाथ सिंह दो बार पार्टी के मुखिया बने और उनके पद पर रहते हुए ही पार्टी को सत्ता में लौटने का अवसर प्राप्त हुआ. राजनाथ वर्तमान सरकार में देश के रक्षामंत्री हैं, जबकि पिछली सरकार में गृहमंत्री के तौर पर आसीन रहे. ये उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं. दो बार पार्टी अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने संगठन और चुनावी रणनीति में अहम योगदान दिया. 1994 में राज्यसभा में भी पार्टी का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं.   नितिन गड़करी (2010-13) - शांत चित्त स्वभाव के धनी नितिन गडकरी पार्टी के 9वें अध्यक्ष बने. लंबे समय तक पार्टी का लोकसभा में प्रतिनिधित्व किया. वर्तमान में भारत सरकार में सड़क परिवहन और राजमार्ग, जहाज़रानी, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री हैं. गडकरी 52 वर्ष की आयु में पार्टी के सर्वेसर्वा बने थे, जो नव नियुक्त अध्यक्ष नितिन नबीन से पहले सबसे कम आयु में बीजेपी के बॉस बनने वाले व्यक्ति रहे. युवा नेतृत्व का चेहरा रहने वाले गडकरी ने सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर दिया.   अमित शाह (2014-20) - बेबाक छवि के धनी अमित शाह ने पार्टी के सत्ता में आते ही बीजेपी को देश दुनिया की सबसे बड़ी और ताकतवर संगठन बना दिया. उन्होंने मोदी युग में पार्टी को सबसे बड़ी ताकत बनाया और संगठनात्मक चुनावी मशीनरी को मजबूत किया. उनके नेतृत्व में ही कांग्रेस घुटनों पर आ गयी और 2014 में महज 55 सीट जबकि 2019 में 51 सीटों पर सिमट गयी. उन्होंने ही बीजेपी की राजनीति का चाणक्य कहा जाने लगा. उनके नेतृत्व में बीजेपी ने राजस्थान में लगातार दो बार 25 की 25 सीटों पर आधिपत्य कायम किया. उनके अध्यक्ष रहते पार्टी ने देश के 19 से अधिक राज्यों में अकेले 'कमल' खिलाकर इतिहास रचा. कहना गलत न होगा कि अमित शाह अब तक के पार्टी संगठन के सबसे मजबूत बॉस बने. वर्तमान में देश के गृहमंत्री हैं.   जगत प्रकाश नड्डा (2020-25) - शाह के बाद जेपी नड्डा ने 11वें अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला और उनके पद चिन्हों पर चलते हुए पार्टी को लगातार चुनावी जीत दिलाने में सक्षम रहे. उनके नेतृत्व में पार्टी ने राजस्थान, बिहार, दिल्ली, महाराष्ट्र एवं मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में विपक्ष का सूपड़ा साफ कर दिया.   नितिन नबीन सिन्हा (2026) - भारतीय जनता पार्टी के नए एवं 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन सिन्हा एक भारतीय राजनीतिज्ञ और सामाजिक कार्यकर्ता हैं. झारखंड के रांची में जन्मे नितिन नबीन एक राजनीतिक पृष्ठभूमि से आते हैं और पटना एवं बांकीपुर से 5 बार विधायक रह चुके हैं. वे बीजेपी के सबसे कम उम्र में राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने वाले व्यक्ति हैं.