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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन पर आधारित फिल्म ‘पीएम नरेंद्र मोदी’ के बाद अब पं.बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की बायोग्राफी पर भी खतरे के बादल मंडरा रहे हैं. इस फिल्म का नाम ‘बाघिनी’ है जो 3 मई को भारतीय सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है. कथित तौर पर इस फिल्म को ममता बनर्जी की जीवनी से प्रेरित बताया जा रहा है. बीजेपी ने निर्वाचन आयोग से अनुरोध किया है कि बंगाल में चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने तक फिल्म की रिलीज पर रोक लगाई जाए. इस बारे में निर्वाचन आयोग ने राज्य के निर्वाचन अधिकारी से रिपोर्ट मांगी है.

पीटीआई की एक खबर के मुताबिक, बीजेपी ने आयोग से अनुरोध किया था कि चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने तक फिल्म ‘बाघिनी’ की रिलीज पर रोक लगाई जाए. पार्टी ने निर्वाचन आयोग से तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो की कथित बायोपिक की समीक्षा की मांग भी रखी है. बीजेपी के अलावा सीपीआई पार्टी ने भी फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की है.

उधर, फिल्म के निर्माताओं का कहना है कि इस फिल्म का उद्देश्य केवल सामाजिक संदेश देना है. ममता बनर्जी सिर्फ बंगाल की नहीं, बल्कि पूरे देश की बड़ी नेता हैं. वहीं ममता की पार्टी टीएमसी ने खुद को फिल्म से अलग कर करते हुए कहा है कि उनका इस ‘बायोपिक’ से कोई लेना-देना नहीं है.

इससे पहले विवेक ओबेरॉय स्टारर फिल्म ‘पीएम नरेंद्र मोदी’ के साथ भी कुछ इसी तरह की घटना हुई थी. पहले यह फिल्म 12 अप्रैल को रिलीज होने वाली थी लेकिन बाद में फिल्म निर्माता संदीप सिंह ने इसे 5 अप्रैल को रिलीज करने का निर्णय लिया. इस फिल्म में मोदी के जीवन के अलग-अलग किरदारों को दिखाया जाना है. इस फिल्म में विवेक ओबेरॉय नौ अलग-अलग अवतारों में नजर आएंगे. लेकिन कुछ पार्टियों के विरोध के चलते चुनाव आयोग ने इस फिल्म की रिलीज पर चुनाव परिणाम तक रोक लगा दी. सोशल मीडिया से इस फिल्म के ट्रेलर को भी हटा दिया गया है. इस फिल्म के साथ पीएम मोदी वेब सीरीज़ और नमो टीवी पर भी बैन लग गया है.

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