



राजस्थान की राजनीति से जुडी बड़ी खबर, पूर्व सीएम और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत का बयान, प्रदेश में युवाओं और बच्चों में बढ़ते 'कार्डियक अरेस्ट' व अचानक मौतों पर गहलोत ने जताई चिंता, अशोक गहलोत ने कहा- कल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली व अन्य विधायकों ने प्रदेश में युवाओं और बच्चों में बढ़ते 'कार्डियक अरेस्ट' व अचानक मौतों पर जो जताई है चिंता, वह अत्यंत गंभीर है, फिट दिखने वाले नौजवानों और डॉक्टरों की ऐसी आकस्मिक मृत्यु समाज में एक गहरे डर और संदेह को जन्म दे रही है, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एस्ट्राजेनेका (Covishield) जैसी वैक्सीन के 'रेयर साइड इफेक्ट्स' (जैसे TTS) पर चर्चा हो चुकी है, यद्यपि ICMR की हालिया रिपोर्ट्स (जुलाई 2025) में सीधा संबंध नहीं पाया गया है, लेकिन 'लॉन्ग कोविड' और 'वैक्सीन' के हृदय तंत्र पर प्रभाव को लेकर दुनिया भर में गहन शोध जारी हैं, इस धुंध को साफ करना सरकार की जिम्मेदारी है, गहलोत ने आगे कहा- हमारी सरकार ने 2023 के बजट में RUHS में 'Center for Post-Covid Rehabilitation' की घोषणा की थी ताकि ऐसे ही विषयों पर शोध हो सके, दुःखद है कि वर्तमान सरकार ने इस दिशा में कदम नहीं बढ़ाए, सरकार इसे 'सामान्य' बताकर पल्ला नहीं झाड़ सकती, गहलोत ने मांग करते हुए आगे कहा- मैं राज्य और केंद्र सरकार से मांग करता हूँ कि वे राजनीति से ऊपर उठकर इस मुद्दे पर एक उच्च-स्तरीय वैज्ञानिक जांच (Scientific Investigation) कमेटी बनाएं, जनता को यह जानने का हक है कि इन मौतों का असली कारण क्या है ताकि भविष्य में अनमोल जिंदगियां बचाई जा सकें


