



Amrinder Singh Raja Warring Biography in Hindi - इस लेख में हम आपको अमरिंदर सिंह राजा वारिंग की जीवनी, शिक्षा, परिवार, बच्चों और राजनीतिक करियर के बारे में बताएंगे.
Amrinder Singh Raja Warring Latest News - अमरिंदर सिंह राजा वारिंग पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता है, और वर्तमान में राज्य के लुधियाना से सांसद है. इससे पहले वारिंग राज्य में तीन बार विधानसभा चुनाव भी जीत चुके है. वह राज्य में मंत्री भी रह चुके है. इस लेख में हम आपको अमरिंदर सिंह राजा वारिंग की जीवनी (Amrinder Singh Raja Warring Biography in Hindi) के बारें में जानकारी देने वाले है.
| पूरा नाम | अमरिंदर सिंह राजा वारिंग |
| उम्र | 48 साल |
| जन्म तारीख | 29 नवंबर 1977 |
| जन्म स्थान | श्री मुक्तसर साहिब, पंजाब |
| शिक्षा | मैट्रिक |
| कॉलेज | पीएसईबी एसएएस नगर, मोहाली |
| वर्तमान पद | लुधियाना से सांसद |
| व्यवसाय | राजनीतिक |
| राजनीतिक दल | कांग्रेस |
| वैवाहिक स्थिति | विवाहित |
| पिता का नाम | स्वर्गीय कुलदीप सिंह |
| माता का नाम | स्वर्गीय मलकीत कौर |
| पत्नी का नाम | अमृता सिंह |
| बेटें का नाम | - |
| बेटी का नाम | - |
| स्थाई पता | अमन कॉलोनी, कच्चा ठंडे वाला रोड, मुक्तसर, पंजाब |
| वर्तमान पता | 9, गुरुद्वारा, रकाबगंज रोड, नई दिल्ली |
| फोन नंबर | 8447537871, 9876423001 |
| ईमेल | rajawarring[at]hotmail[dot]com |
अमरिंदर सिंह राजा वारिंग जन्म 29 नवंबर 1977 को पंजाब में हुआ था. उनके पिता का नाम स्वर्गीय कुलदीप सिंह है और उनके माता का नाम स्वर्गीय मलकीत कौर है. उनका विवाह अमृता सिंह से हुआ है और उनके एक बेटा और एक बेटी है. चुनाव में दिए गए हलफनामें के अनुसार उनकी पत्नी के आय का स्रोत व्यवसाय और कृषि है. उनकी बेटी अमृता कांग्रेस पार्टी में सक्रिय है और वह राज्य में हुए उपचुनाव में कांग्रेस की उम्मीदवार रही हैं. अमरिंदर सिंह राजा वारिंग को पहले राजा सोथा के नाम से जाना जाता था, सोथा उनके ननिहाल का गाँव था. बाद में, उन्होंने अपने पैतृक गाँव वारिंग का नाम अपनाना शुरू कर दिया. अमरिंदर सिंह राजा वारिंग सिख है. और उन पर 0 आपराधिक मामले है.
अमरिंदर सिंह राजा वारिंग मैट्रिक 10वीं पास है. उन्होंने वर्ष 1995 में पीएसईबी एसएएस नगर, मोहाली से मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण किया.
अमरिंदर सिंह राजा वारिंग पंजाब कांग्रेस के बड़े नेता माने जाते है. वारिंग ने अपनी राजनीतिक यात्रा कांग्रेस के साथ जुड़कर लगभग दो दशक पहले शुरू की थी. वारिंग दिसंबर 2014 से मई 2018 तक राज्य में युवा कांग्रेस के अध्यक्ष थे. हालांकि इससे पहले वारिंग पहली बार कांग्रेस के टिकट पर वर्ष 2012 में हुए पंजाब विधानसभा चुनाव में अपना भाग्य आजमाया. जहाँ से उनकी जीत हुई. उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के संत सिंह बराड़ को लगभग चौदह हजार के वोटो के अंतराल से पराजित करके पंजाब का 'गिद्दरबाहा विधानसभा सीट' से जीत दर्ज की. इस जीत के साथ ही वह पहली बार राज्य में विधायक बने.
पंजाब का 'गिद्दरबाहा विधानसभा सीट' राज्य के श्री मुक्तसर साहिब जिले में स्थित है. एक विधानसभा क्षेत्र के तौर पर यहाँ पहला चुनाव 1967 में हुआ था. अगर राजनीतिक पार्टियों की बात करें तो विधानसभा सीट अस्तित्व में आने के बाद से लेकर पिछले विधानसभा से पहले तक यहाँ से कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल ही जीतते आ रहे है. पर पहली बार इस सीट पर विगत 2024 के उपचुनाव, में आम आदमी पार्टी की इंट्री हुई है, और वर्तमान में, यहाँ से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार हरदीप सिंह डिम्पी ढिल्लों विधायक है.
2012 की जीत के बाद अमरिंदर सिंह लगातार दो चुनाव 2017 और 2022 में यहाँ से जीत चुके है. तीसरी बार विधायक बनने बाद उन्होंने पंजाब सरकार में परिवहन मंत्री के रूप में कार्य किया. इस पद पर वे 20 सितंबर 2021 से लेकर 11 मार्च 2022 तक रहे. इसके बाद अप्रैल 2022 में, वारिंग को कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा पंजाब में कांग्रेस के प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया था.
इससे पहले वारिंग ने 2019 के आम चुनाव में बठिंडा निर्वाचन क्षेत्र से हरसिमरत कौर बादल के खिलाफ चुनाव लड़ा, लेकिन 20,000 से अधिक वोटों से हार गए. वारिंग केंद्र की राजनीति में आने के लिए लगातार कोशिश पर कोशिश कर रहे थे. 2019 की असफलता में बाद वारिंग ने 2024 के आम चुनाव में भी खड़े हुए. इस बार कांग्रेस ने उन्हें लुधियाना लोकसभा सीट से अपना उम्मीदवार बनाया और इस बार वारिंग की किस्मत ने साथ दिया. 2024 के आम चुनाव में वारिंग की लुधियाना लोकसभा सीट से जीत हासिल हुई. उन्होंने भाजपा रवनीत सिंह बिट्टू को लगभग इक्कीस हजार वोटो के अंतराल से पराजित किया, और इसी जीत के साथ वह पहली बार विधानसभा से लोकसभा पहुंचे. वर्तमान में वारिंग इसी सीट से कांग्रेस के सांसद है.
चूँकि उन्होंने विधायक रहते लोकसभा का चुनाव लड़ा था इसलिए सांसद चुने जाने के बाद उन्होंने 'गिद्दरबाहा विधानसभा सीट' से त्यागपत्र दे दिया. इसी के बाद 2024 में यहाँ उपचुनाव हुए, इस उपचुनाव में कांग्रेस ने वारिंग की पत्नी अमृता वारिंग को अपना उम्मीदवार बनाया था, लेकिन वह हार गई और यहाँ से पहली बार आप के उम्मीदवार हरदीप सिंह डिम्पी ढिल्लों की जीत हुई. हालांकि ढिल्लों ने यहाँ से पहली बार चुनाव नहीं लड़ा था. वह इससे पहले भी शिरोमणि अकाली दल से चुनाव लड़ते आ रहे है.
2024 के लोकसभा चुनाव में दाखिल किये गए घोषणापत्र के अनुसार के अमरिंदर सिंह राजा वारिंग की कुल संपत्ति 17.72 करोड़ रूपये हैं जबकि उनपर 4.46 करोड़ रूपये का कर्ज भी हैं.
इस लेख में हमने आपको अमरिंदर सिंह राजा वारिंग की जीवनी (Amrinder Singh Raja Warring Biography in Hindi) के बारे में जानकारी दी है. अगर आपका कोई सुझाव है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं.


