20 साल बाद भारत-ईयू के बीच FTA का ऐलान, अमेरिका ने जताई नाराजगी

27 Jan 2026

ट्रंप के टैरिफ के जवाब में 'मदर ऑफ ऑल ट्रेड डील', दुनियाभर में हो रही इस डील की चर्चा, FTA भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच इन्वेस्टमेंट को बूस्ट करेगा-पीएम नरेन्द्र मोदी, युवाओं के लिए रोजगार की आएगी बहार

नई दिल्ली । भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच फ्री ट्रेड डील का ऐलान हो गया है. भारत और यूरोपीय यूनियन के नेताओं ने 16वें भारत-EU समिट के दौरान इसका ऐलान किया. इस मौके पर पीएम नरेन्द्र मोदी यूरोपीय परिषद के राष्ट्रपति एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मौजूद रहे। इस डील के बाद भारत में यूरोपीय देशों से आयातित कारें BMW, मर्सिडीज आदि पर लगने वाले टैक्स को 110% से घटाकर 10% कर दिया जाएगा. इसके अलावा भारत में यूरोप से आने वाली शराब और वाइन पर भी टैक्स कम होगा। यूरोपीय देशों से आने वाली मशीनरी भी अब सस्ती होगी.

भारत में इसे 'मदर ऑफ ऑल डील' के तौर पर देखा जा रहा है. ये ट्रेड डील वैश्विक जीडीपी का 25 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार का एक तिहाई हिस्सा है. पीएम नरेन्द्र मोदी ने यूरोपीय संघ-भारत व्यापार समझौते पर सभी को बधाई दी. करीब 2 दशक से भारत से इस ट्रेड डील के लिए लगातार बातचीत कर रहा था. पीएम नरेन्द्र मोदी ने कहा कि FTA भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच इन्वेस्टमेंट को बूस्ट करेगा. FTA भारत और यूरोप के लोगों के लिए बड़े अवसर लेकर आएगा. इस समझौते से वैश्विक व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला दोनों को मजबूती मिलेगी. खासतौर पर वस्त्र, रत्न, आभूषण, चमड़ा उद्योग को मजबूती मिलेगी.

आपको बता दें कि ट्रंप के टैरिफ के चलते इन क्षेत्रों में व्यापार को बड़ा झटका लगा था। पीएम मोदी ने कहा कि वस्त्र , रत्न, आभूषण और चमड़ा उद्योग के लिए ये डील बड़ी मददगार साबित होगी. इससे न केवल भारत में विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा बल्कि सेवा क्षेत्र का भी और विस्तार होगा.

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पीएम मोदी ने कहा कि भारत सभी क्षेत्रों में वैश्विक साझेदारी पर व्यापक रूप से काम कर रहा है और यह मुक्त व्यापार समझौता दुनिया भर के हर व्यवसाय और हर निवेशक के लिए भारत में विश्वास को मजबूत करेगा. लगभग दो दशकों तक चली बातचीत के बाद, यह समझौता भारत के लिए अपने विशाल और संरक्षित बाजार को अपने सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार 27 देशों के यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार के लिए खोलने का मार्ग प्रशस्त करेगा. आपको बता दें कि पिछले वित्तीय वर्ष 2024-2025 में भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार 136.5 बिलियन डॉलर रहा है.

जहां दुनियाभर में इस डील की चर्चा हो रही है वहीं, अमेरिका की ओर से इस ट्रेड डील को लेकर नाराजगी जाहिर की गई है। वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि यूरोप अपने ही खिलाफ चल रहे युद्ध को फंड कर रहा है.

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