केंद्र जिद्द नहीं छोड़ेगा तो इलाज करना पड़ेगा वरना आने वाली पीढ़ियां हमें माफ नहीं करेगी- पायलट

वरना आने वाली पीढ़ियां हमें माफ नहीं करेगी- पायलट
15 Jan 2021
Politalks.News/Rajasthan. केन्द्र के तीनों कृषि कानूनों के विरोध और किसान आंदोलन के समर्थन में देशभर में आयोजित कांग्रेस के हल्ला बोल कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को जयपुर के सिविल लाइन फाटक पर किसान अधिकार दिवस के रूप में कांग्रेस ने धरना प्रदर्शन किया. कांग्रेस के इस धरने में पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट, पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा, AICC सचिव तरुण कुमार और कुलदीप इंदौरा, कृषि मंत्री लालचंद कटारिया, प्रताप सिंह खाचरियावास सहित राज्य सरकार के कई मंत्री और हजारों कार्यकर्ता शामिल हुए. धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केन्द्र सरकार पर जमकर हमला बोला. इस मौके पर पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि जिस मुद्दे पर आज पूरा देश विचलित है उसी मुद्दे पर हमारा धरना है. केन्द्र सरकार ने जबर्दस्ती कृषि बिल बनाकर लागू किये हैं. धरातल पर रहने वाले किसान की बात को अनसुना किया जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने जो टिपण्णी की वो गंभीर है. इतने दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन अब यह साफ हो गया है कि केन्द्र सरकार अड़ियल है. सचिन पायलट ने कहा कि हम किसानों के साथ खड़े हैं. यह भी पढ़ें: ‘हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि हमारे पास केवल 21 विधायक रह गए थे’- पायलट ने किसको दिलाई याद? आने वाली पीढियां माफ नहीं करेंगी - सचिन पायलट अपने संबोधन में सचिन पायलट ने आगे कहा कि किसानों को माओवादी बताया जा रहा है. कांग्रेस इन सबको बर्दाश्त नहीं करने वाली है. आज कोई चुनाव नहीं है, लेकिन हमें जागरुक होने के नाते किसान के साथ खड़ा होना है. पायलट ने कहा कि केंद्र जिद नहीं छोड़ेगा तो इलाज भी करना पड़ेगा. सरकारें आएंगी और जाएंगी लेकिन किसान विरोधी इन कानूनों को वापस नहीं करवाया तो आने वाली पीढियां हमको माफ नहीं करेंगी. किसानों की बात सुनने के लिए सरकार बनाई थी, मन की बात सुनने के लिए नहीं इस दौरान धरने को सम्बोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि बीजेपी राज में पेट्रोल और डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं. केन्द्र किसान की आवाज को नही सुन रहा है. डोटासरा ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों की बात सुनने के लिए सरकार बनाई थी, मन की बात सुनने के लिए नहीं. केन्द्र सरकार मंडी व्यवस्था को खत्म करना चाहती है. पहले भूमि अधिग्रहण और अबकी बार कृषि बिल, कांग्रेस इस अन्याय को नहीं सहेगी.