Politalks.News/MP. मध्यप्रदेश में शह-मात का जुबानी खेल कमलनाथ सरकार के बदलने के बाद से ही बदस्तूर जारी है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह, राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया और केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की चुनावी रैलियां लगातार जारी हैं और इधर कमलनाथ के नेतृत्व में कांग्रेस भी बीजेपी और बागी कांग्रेस विधायकों जिनमें से कई बीजेपी सरकार में मंत्री बन बैठे हैं, पर जमकर निशाना साध रही है. एमपी कांग्रेस ने एक ताजा ट्वीट में सीएम शिवराज सिंह को 'बड़बोला' बताया है, साथ ही ज्योतिरादित्य सिंधिया को 'मटकता महाराज' कहकर संबोधित किया. वहीं कांग्रेस से बीजेपी में गए 25 विधायकों को जयचंद की टोली बताया. एक वीडियो भी प्रदेश कांग्रेस ने शेयर किया है जिसमें शिवराज सिंह, सिंधिया के चुनावी रैलियों का दृश्य हैं.
अपने एक ताजा ट्वीट में एमपी कांग्रेस ने एक वीडियो शेयर करते हुए शीर्षक में लिखा, 'बड़बोले शिवराज, मटकते महराज: झूठ एवं लफ़्फ़ाज़ी के सर्वमान्य प्रतीक शिवराज एवं विश्वासघात के वैश्विक प्रतीक श्रीअंत आजकल घोषणा पर्यटन पर हैं. शिवराज जी..याद रखना, 25 जयचंद और 1 ग़द्दार की ये टोली आपको और आपकी पार्टी को भी बेच देगी.'
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https://twitter.com/INCMP/status/1305710490677633026?s=20
एक अन्य ट्वीट में शिवराज सरकार को घोटालों की भरमार और कमलनाथ सरकार को रोजगार के अवसर अपार बताया गया है. साथ ही लिखा है 'अब निर्णय आपको करना है'. एक अपील भी की गई है 'गद्दारों को सबक सिखाएं, लोकतंत्र की लाज बचाएं.'
https://twitter.com/INCMP/status/1305692825112240128?s=20
एक अन्य ट्वीट में एमपी कांग्रेस ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को अहंकार, अभद्र भाषा एवं अमर्यादित आचरण, अहंकारी हाव भाव, और उथले छिछले व्यक्तित्व वाला व्यक्ति बताया है.
https://twitter.com/INCMP/status/1305683897624133632?s=20
वहीं एक दूसरे के वार पर पलटवार करने में भी बीजेपी और कांग्रेस पीछे नहीं हैं. अपनी एक चुनावी रैली में बीजेपी के राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस पर आघात करते हुए कहा, 'कांग्रेस वचन पत्र को धर्मग्रंथ कहते थे, प्रमुख नेताओं ने मुरैना में आकर किसान भाइयो से वादे किए कि सरकार बनने के 10 दिन के अंदर कर्जमाफ न हुआ तो मुख्यमंत्री बदल देंगे. 10 दिन नहीं 10 महीने देखा लेकिन कर्जमाफ न हुआ. प्रदेश की जनता के साथ कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने मिलकर गद्दारी की है.'
https://twitter.com/TusharDwivediS/status/1304805641374973953?s=20
एक अन्य ट्वीट में सिंधिया ने लिखा, 'हम जमीनी कार्यकर्ता है और अपनी धरती मां से जुड़कर कार्य करने वालों में से हैं. हमें अपनी माटी, अपनी जनता के उज्ज्वल भविष्य की चिंता है. यदि उसके लिए हमें कुर्सी भी त्याग करनी पड़े तो हम पीछे नहीं हटते.'
https://twitter.com/JM_Scindia/status/1304806021647409154?s=20
सिंधिया के इसी वार पर पलटवार करते हुए कमलनाथ सरकार में मंत्री रहे जीतू पटवारी ने लिखा, 'आने वाला राज्यसभा का पूरा कार्यकाल आप कोई मंत्री पद स्वीकार्य नहीं करेंगे तो आपके वचन सही सार्थक होगे. लोकतंत्र की हत्या करोड़ों कार्यकर्ताओं की भावनाओं की बेइज़्ज़ती, सदियों तक आपके इतिहास से चिपकी रहेगी. ईश्वर आपको सद्बुद्धि दे.'
https://twitter.com/jitupatwari/status/1304976873550761986?s=20
वहीं जीतू पटवारी का शायराना वार वाला अंदाज भी काफी अनोख है. ट्वीट करते हुए पटवारी लिखते हैं, 'मुझमे और मेरी किस्मत में हर बार बस यही जंग रही..मैं उसके फैसलों से तंग रहा और वो मेरे हौसलों से दंग रही.'
https://twitter.com/jitupatwari/status/1304961465166770176?s=20
बता दें, मध्यप्रदेश की 27 सीटों पर उपचुनाव की तैयारियों का शोर काफी जोर पर है. एक सीट आज खाली हो गई है. ब्यावरा विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक गोवर्धन सिंह दांगी का आज निधन हो गया जिसके चलते एक अतिरिक्त सीट खाली हो गई है. इसके बाद कुल 28 सीटों पर उपचुनाव होने हैं. बीजेपी और कांग्रेस के साथ बसपा भी सभी सीटों पर उम्मीदवार उतार रही है. मुकाबला काफी रोचक होने के आसार हैं क्योंकि फिर से कमलनाथ को सत्ता की कुर्सी पर बैठाने के लिए कांग्रेस को सभी सीटों पर जीत दर्ज करनी होगी. वहीं बीजेपी को पूर्ण बहुमत के लिए केवल 9 सीटों पर विजयश्री लेनी है.