बीजेपी के ‘हल्ला बोल’ कार्यक्रम से वसुंधरा राजे और समर्थक नेताओं ने बनाई दूरी बनी चर्चा का विषय

Vasundhara Raje 620x400
30 Aug 2020
Politalks.News/Rajasthan. प्रदेश की गहलोत सरकार की नीतियों के खिलाफ बीजेपी के 'हल्ला बोल' कार्यक्रम के दूसरे दिन शनिवार को भी सोशल मीडिया पर बीजेपी विधायकों, नेताओं, कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर विरोध दर्ज करवाया. बीजेपी ने साेशल मीडिया के जरिए बिजली, किसान व बेराेजगारी आदि के मुद्दाे काे प्रमुखता से उठाया. लेकिन चर्चा में जो बात रही वो यह कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और उनके समर्थक माने जाने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लगातार दूसरे दिन अपनी पार्टी के इस 'हल्ला बोल' कायर्क्रम से दूरी बनाए रखी. प्रदेश सरकार की आमजन विरोधी नीतियों के खिलाफ शुक्रवार को शुरू हुआ बीजेपी का हल्ला बोल कार्यक्रम शनिवार को भी जारी रहा. शनिवार सुबह से ही भाजपा कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों ने ट्विटर पर #गहलोत_सरकार_होश_में_आओ के साथ जमकर ट्वीट किए गए. शुरुआती डेढ़ घंटे में ही गहलोत सरकार के विरोध में करीब 10 हजार ट्वीट्स हुए और शाम 6 बजे तक 28 हजार से अधिक ट्वीट के साथ ये हैशटैग नेशनल ट्रेंड में रहा. यह भी पढ़ें: गहलोत सरकार की हठधर्मिता व संवेदनहीनता का परिणाम है पुखराज की मौत: राजेंद्र राठौड़ हैशटैग के साथ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश पूनियां ने ट्वीट करते हुए कहा कि किसानों को कर्जमाफी, बेरोजगारों को भत्ते और भर्ती, जनता को सस्ती बिजली का झांसा, एक भी पूरी नहीं होने की कोई आशा. वहीं बीजेपी विधायक मदन दिलावर ने गहलोत सरकार पर प्रदेश में योजनाबद्ध तरीके से कोरोना फैलाने का आरोप लगाया. दिलावर ने कहा कि प्रदेश में कोरोना से होने वाली मौतों के लिए गहलोत सरकार जिम्मेदार है. दिलावर ने आरोप लगाया कि प्रदेश में लॉक डाउन की सरकार ने ही पालना नहीं करने दी. 'गहलोत सरकार होश में आओ' हैशटैग के साथ प्रदेश संगठन महामंत्री चन्द्रशेखर ने ट्वीट किया कि किसानों की कर्जमाफी जैसे बड़े मुद्दों को भूल, राज्य सरकार जनता को बना रही है ‘फूल’. वहीं उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने ट्वीट किया कि कांग्रेस ने 10 दिनों में किसानों की कर्जमाफी समेत कई वादे किए थे, किया कुछ नहीं. कार्यक्रम को सपोर्ट करते हुए केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत, केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी, केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, सांसद दीया कुमारी, सांसद रामचरण बोहरा ने ट्वीट किए. यह भी पढ़ें: राजस्थान में नहीं माफ होंगे बिजली बिल, फ्यूल चार्ज में राहत की मांग को भी ठुकराया गहलोत सरकार ने इन सबके बीच सियासी गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की रही कि लगातार दूसरे दिन पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और उनके समर्थक विधायकों और नेताओं ने अपनी पार्टी के इस अभियान से दूरी बनाए रखी. ऐसा नहीं है कि मैडम वसुंधरा राजे या उनके समर्थक नेताओं ने कोई ट्वीट ही नहीं किया हो, खुद मैडम राजे ने पिछले दो दिनों में 7 से ज्यादा ट्वीट किए हैं, लेकिन वो सभी शुभकामनाओं या अन्य किसी दूसरे मसलों पर थे. इस बात से अब यह बात लगभग पुख्ता होती है कि प्रदेश भाजपा में सबकुछ सही नहीं है और अब कांग्रेस के बाद आने वाले दिनों ने कुछ बड़ा घमासान हमें देखने को मिल सकता है.