मध्यप्रदेश उपचुनाव में बढ़ी कमलनाथ की मुश्किलें, बसपा ने पहली लिस्ट में उतारे 8 उम्मीदवार

politalks news
28 Aug 2020
Politalks.News/MP. मध्यप्रदेश में 27 सीटों पर होने वाले उपचुनाव में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष और प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ (Kamalnath) की मुश्किलें बढ़ती हुई दिख रही हैं. वजह है- बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने उप चुनावों के लिए अपने 8 उम्मीदवारों को चुनावी समर में उतारा है. सूची में बसपा के पूर्व विधायक सोनेराम कुशवाह का नाम भी शामिल है. सूची के मुताबिक बसपा ने मुरैना की तीन, भिंड व शिवपुरी की दो-दो और ग्वालियर की एक सीट पर प्रत्याशियों के नाम घोषित किए हैं. अभी तक लग रहा था कि सपा-बसपा और कांग्रेस मिलकर सीटों पर बंटवारा करेंगे लेकिन बसपा के चुनाव लड़ने के बाद अब कांग्रेस का अकेले चुनावी समर में उतरना तय है. बसपा ने निम्न सीटों पर उक्त उम्मीदवारों को उतारने का फैसला किया है...
  • सोनेराम कुशवाह - जौरा (मुरैना)
  • रामप्रकाश राजौरिया - मुरैना (मुरैना)
  • भानुप्रताप सिंह सखवार (अम्बाह) मुरैना
  • योगेश मेघसिंह नरवरिया (मेहगांव) भिंड
  • जसवंत पटवारी (गौहद) भिंड
  • संतोष गौड़ (डबरा) ग्वालियर
  • कैलाश कुशवाह (पोहरी) शिवपुरी
  • राजेंद्र जाटव (करैरा) शिवपुरी
पूर्व कमलनाथ सरकार में सपा और बसपा सहयोगी पार्टियों में शामिल थी. वर्तमान में बसपा के दो और सपा का एक उम्मीदवार जीतकर विधानसभा में हैं और वर्तमान में शिवराज सरकार को समर्थन दे रहे हैं. बसपा ने चुनावी समर में सबसे पहले उम्मीदवार उतारकर उप चुनावों में अपने तेवर कांग्रेस को दिखा दिए हैं. माना जा रहा है कि बसपा कम से कम 15 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतरने के मूड में है. इधर, सत्ता वापसी का सपना देख रही कांग्रेस और पूर्व सीएम कमलनाथ को बीजेपी को टक्कर देने के लिए कम से कम 20 सीटों की जरूरत है. यह भी पढ़ें: हुजूर आपके लिए 1200 करोड का एयर इंडिया वन और हमारे साथ 6 महीने की किश्तों के नाम पर धोखा [caption id="attachment_69670" width="302" align="aligncenter"]Bsp List In Mp Bsp List In Mp[/caption] मध्य प्रदेश में 230 विधानसभा सीट हैं जिनमें से फिलहाल 27 खाली हैं. अन्य 203 में से बीजेपी के पास 107 विधायक हैं. बसपा के दो, सपा का एक और पांच निर्दलीय विधायकों का भी बीजेपी को समर्थन हासिल है. कांग्रेस के पास 89 विधायक है. एकबारगी निर्दलीय और सपा-बसपा के आंकड़ों को हटा भी दिया जाए तो भी बीजेपी की बराबरी के लिए कांग्रेस को 18 सीटों पर जीत की जरूरत है. अन्य दो सीटों पर भी जीत और हार निर्भर करेगी. ऐसे में यहां से कांग्रेस का जीत पाना पूरी तरह नामुमकिन सा लग रहा है.