पॉलिटॉक्स न्यूज. कोरोना के बढ़ते संकट के बाद दिल्ली व अन्य राज्यों से अपने गृह राज्यों की ओर पलायन कर रहे लोगों की दयनीय स्थिति को लेकर राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है. साथ ही इस भयावह स्थिति के लिए मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए इसे एक बड़ा अपराध बताया. वहीं राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सड़क मार्ग से पैदल ही पलायन कर रहे लोगों की खाने पीने की मदद करने की अपील की है. वहीं कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी ने दिल्ली और यूपी सरकार से ऐसे लोगों की मदद करने का आग्रह किया है. सोनिया गांधी ने भी प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर रास्ते में फंसे लोगों को उनके घरों तक पहुंचाने की अपील की है.
बात करें राहुल गांधी की तो वे कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को लेकर केंद्र सरकार की तैयारियों को लेकर लगातार हमला बोल रहे हैं. इससे पहले भी उन्होंने वेंटिलेटर और मास्क की कमी को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा था. अब लॉकडाउन के दौरान हजारों लोग पैदल ही अपने गृह राज्यों की ओर निकल पड़े हैं. इस पर राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'सरकार इस भयावह हालत की ज़िम्मेदार है. नागरिकों की ये दशा करना एक बहुत बड़ा अपराध है. आज संकट की घड़ी में हमारे भाइयों और बहनों को कम से कम सम्मान और सहारा तो मिलना ही चाहिए। सरकार जल्द से जल्द ठोस क़दम उठाए ताकि ये एक बड़ी त्रासदी ना बन जाए'.
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अपने एक अन्य ट्वीट में राहुल गांधी ने लॉकडाउन पर सवाल उठाते हुए लिखा, 'लॉकडाउन हमारे गरीब और कमजोर को तबाह कर देगी. यह भारत के लिए एक बहुत बड़ा झटका होगा जिसे हम प्यार करते हैं. भारत काला और सफेद नहीं है, हमारे फैसलों पर ध्यान से विचार करना होगा. इस संकट से निपटने के लिए एक अधिक सूक्ष्म और दयालु दृष्टिकोण की आवश्यकता है. अभी भी बहुत देर नहीं हुई है'.
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राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से पलायन करने वालों की मदद की अपील भी की. वायनाड सांसद और कांग्रेस नेता ने कहा कि आज हमारे सैकड़ों भाई-बहनों को भूखे-प्यासे परिवार सहित अपने गाँवों की ओर पैदल जाना पड़ रहा है. इस कठिन रास्ते पर आप में से जो भी उन्हें खाना-पानी-आसरा-सहारा दे सके, कृपा करके दे. कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं से मदद की ख़ास अपील करता हूं.
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वहीं प्रियंका गांधी ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'हम एक राष्ट्र के रूप में कैसे सिर्फ हजारों प्रवासी कामगारों को अपने लिए छोड़ सकते हैं? इसमें पुरुष, महिलाएं और बच्चे शामिल हैं जो पूर्वी यूपी और बिहार तक घूम रहे हैं. हमने यूरोप से नागरिकों को लाने के लिए विमानों को भेजा है लेकिन गरीब को पहुंचाने के लिए परिवहन का आयोजन नहीं कर रहे. संकट के इस समय में हमारे साथी नागरिकों की मदद करना सरकार का नैतिक कर्तव्य है'.
https://twitter.com/priyankagandhi/status/1243815598636666882?s=20
प्रियंका ने एक वीडियो शेयर करते हुए यूपी और दिल्ली सरकार पर अपना गुस्सा जाहिर किया. इस वीडियो में सैकड़ों की तादात में लोग पैदल ही गन्तव्य की ओर जा रहे हैं. प्रियंका ने लिखा, 'इन मजबूर हिंदुस्तानियों के साथ ऐसा सलूक मत कीजिए. हमें शर्म आनी चाहिए कि हमने इन्हें इस हाल में छोड़ दिया. ये हमारे अपने हैं, मजदूर देश की रीढ़ की हड्डी है, कृपया इनकी मदद करिए'.
https://twitter.com/priyankagandhi/status/1243771907045863424?s=20
एक अन्य वीडियो जारी करते हुए प्रियंका ने लिखा, 'दिल्ली के बॉर्डर पर त्रासद स्थिति पैदा हो चुकी है. हजारों की संख्या में लोग पैदल अपने घरों की तरफ निकल पड़े हैं. कोई साधन नहीं, भोजन नहीं. कोरोना का आतंक, बेरोजगारी और भूख का भय इनके पैरों को घर गांव की ओर धकेल रहा है. मैं सरकार से प्रार्थना करती हूं, कृपया इनकी मदद कीजिए'.
https://twitter.com/priyankagandhi/status/1243546647034048513?s=20
वहीं एआईसीसी और कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को पत्र लिखकर देश में लॉकडाउन के दौरान कई जगहों पर रास्तों में फंसे मजदूरों एवं गरीबों की मदद के लिए राष्ट्रीय स्तर पर परामर्श जारी किए जाने का निवेदन किया. सोनिया ने रास्ते में फंसे लोगों को उनके घरों तक जाने के लिए राज्य परिवहन की सेवा मुहैया कराने और जिला कलेक्टर को उनकी मदद का उत्तरदायित्व दिए जाने की बात लिखी.