



गुर्जर नेता हिम्मत सिंह (Himmat Singh Gurjar) ने दूसरा टवीट करते हुए कहा कि, "सचिन पायलट जी आपके दर पर प्रतिदिन जनसुनवाई में एमबीसी युवा रीट भर्ती-18, नर्सिग भर्ती-13, रिज़र्व पदों पर 4 फीसदी आरक्षण देने की माँग पर चक्कर लगा रहे हैं. आप इनकी वेदना पर कब नज़रें इनायत करेगें. आप कबड्डी खेलना भूल गये या कबड्डी खेलने का सिर्फ जुमला ही था."मा.उपमुख्यमंत्री श्री @SachinPilot जी आपने विधानसभा चुनाव के वक़्त गुर्जर समाज से कहाँ था आप साथ दो तो मैं अकेले ही कबड्डी खेल जाऊगां,समाज ने आपका साथ दिया...गु्र्जर समाज ने बड़े बलिदान के बाद #देवनारायण_योजना प्राप्त की हैं..यह योजना बंद होने की कगार पर हैं..कबड्डी देना भूल गये।
— HIMMAT SINGH GURJAR🧢 (@himmatsinghgur1) November 18, 2019
बता दें, प्रदेश में एमबीसी आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर से गरमा गया है. गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला इस मामले में पहले ही सरकार को सात दिनों की चेतावनी दे चुके हैं. राज्य सरकार ने गुर्जरों सहित पांच जातियों को दिए गए एमबीसी आरक्षण में से मुसलमान को आरक्षण के लिए सर्वे कराने का फैसला लिया है जिससे गुर्जर समाज में आक्रोश व्याप्त हो गया है. गुर्जर समाज के लोगों ने साफ कहा है कि उनके कोटे से किसी अन्य जातियों को आरक्षण दिया तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. पहले ही उनको वांछित आरक्षण नहीं मिल रहा. इसके बाद भी निर्धारित कोटे से अन्य जातियों को आरक्षण देने की तैयारी है. यदि ऐसा किया तो प्रदेश का गुर्जर समाज आंदोलन की राह पकड़ेगा. दूसरी जातियों को एसबीसी में आरक्षण का लाभ देना गुर्जर समाज को कतई मंजूर नहीं होगा.मा.उपमुख्यमंत्री @SachinPilot जी आपके दर पर प्रतिदिन जनसुनवाई में #एमबीसी युवा..रीट भर्ती-18, नर्सिग भर्ती-13,रिज़र्व पदों पर 4%आरक्षण देने की माँग पर चक्कर लगा रहे हैं..आप इनकी वेदना पर कब नज़रें इनायत करेगें..आप कबड्डी खेलना भूल गये या देना ..कबड्डी खेलने का सिर्फ जुमला ही था। https://t.co/ViBrQGSCwm
— HIMMAT SINGH GURJAR🧢 (@himmatsinghgur1) November 18, 2019


