राजस्थान बीजेपी ने निकाय चुनाव के लिए कसी कमर, सरकारी तंत्र के दुरुपयोग के लगाए आरोप

Meeting on Municipal Elections
29 Oct 2019
पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान प्रदेश भाजपा मुख्यालय में मंगलवार को आगामी निकाय चुनाव (Municipal Elections) को लेकर एक अहम बैठक आयोजित हुई. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश पूनिया के नेतृत्व में हुई इस बैठक में निकाय चुनाव की रणनीति पर चर्चा हुई. इस बैठक में केद्रींय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, अर्जुन मेघवाल, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड, संगठन महामंत्री चन्द्रशेखर, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी व अरूण चतुर्वेदी मौजूद रहे. तीन प्रदेश स्तरीय समितियों का किया गठन निकाय चुनावों की तैयारियों को लेकर आयोजित हुई इस बैठक के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश पूनिया ने पत्रकार वार्ता में बताया कि चुनावों के संचालन व प्रबन्धन एवं चयन हेतु तीन प्रदेश स्तरीय समितियों का गठन किया गया है. जिसके तहत पहली समिति में 11 सदस्यों की एक प्रदेश स्तरीय समिति का गठन किया गया है. यह समिति आगामी 16 नवंबर को प्रदेश की 49 निकायों पर होने वाले चुनाव (Municipal Elections) पर नजर रखेगी. इस 11 सदस्यीय समिति में प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेताओं को शामिल किया गया है. इस प्रदेश स्तरीय समिति में प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां, प्रदेश संगठन महामंत्री चन्द्रशेखर, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचन्द कटारिया, उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़, केन्द्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल, गजेन्द्र सिंह शेखावत, सांसद जसकौर मीणा, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी, अरूण चतुर्वेदी मौजूद होगें. वहीं चुनाव के समन्वयक पूर्व सांसद एवं वरिष्ठ नेता ओंकार सिंह लखावत व प्रदेश महामंत्री वीरमदेव सिंह होगें. दूसरी समिति जिला समन्वयक समिति होगी जिसमें प्रदेश पदाधिकारी जो कि उस जिले में रहते हों, जिलाध्यक्ष, जिला संगठन प्रभारी, सांसद, निवर्तमान जिलाध्यक्ष, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष, एस.सी. व एस.टी. मोर्चें का एक प्रतिनिधि शामिल होंगे. तीसरी समिति में जिस निकाय में चुनाव होने है वहां के निकाय प्रभारी, वर्तमान व पूर्व निकाय अध्यक्ष, क्षेत्र के पूर्व व वर्तमान विधायक, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष, एस.सी. व एस.टी. मोर्चा के प्रतिनिधि निकाय की चुनाव प्रबन्धन एवं संचालन की व्यवस्था देखेंगे. प्रत्याशियों के आवेदन की प्रक्रिया प्रारंभ पूनियां ने बताया कि निकाय चुनावों (Municipal Elections) के प्रभारियों की नियुक्ति पूर्व में हो चुकी है. सभी प्रभारियों ने अपने अपने निकाय क्षेत्रों में वार्ड स्तर पर रायशुमारी का कार्य प्रारम्भ कर दिया है. प्रभारियों ने प्रत्याशियों के आवेदन लेने की प्रक्रिया भी प्रारम्भ कर दी है. 31 अक्टूबर को जिलाध्यक्ष, जिला संगठन प्रभारी और जिला निकाय प्रभारी की एक बैठक आयोजित होगी. जिसमें ये प्रत्याशियों के पैनल को चुनाव संचालन व प्रबंधन समिति के समक्ष प्रस्तुत करेंगे. सभी 49 निकायों के लगभग 2100 वार्डों के प्रत्याशियों की चयन प्रक्रिया को 1 नवंबर तक पूर्ण कर लिया जायेगा. प्रत्याशियों के लिए गाईड लाइन हुई तय इस बैठक में वार्ड पार्षद का चुनाव लडने वाले प्रत्याशियों के लिए गाइड भी तय की गई है इसके तहत जिस वार्ड से प्रत्याशी चुनाव लडना चाहता है वह उस वार्ड का स्थाई निवासी होना चाहिए. इसके साथ ही अनुभवी व नये लोगो को भी पार्टी चुनाव लडने का अवसर देगी. कांग्रेस ने शहरी विकास को किया ठप्प पूनियां ने गहलोत सरकार पर आरोप लगाते हुये कहा कि पिछले 10 महिनों में शहरी विकास को बड़ा धक्का लगा है. भाजपा शासन में निकायों की व्यवस्थित रूप से विकास की दिशा में अवरोध पैदा करने का काम किया है. वहीं बहुत बड़े सारे ठेकेदारों का भुगतान बकाया चल रहा है जिससे विकास के काम नहीं हुए हैं. पूनिया ने आगे कहा कि भाजपा कांग्रेस के खिलाफ एक चार्जशीट बनायेगी. साथ ही एक विजन डाॅक्यूमेंट भी भाजपा द्वारा बनाया जायेगा. जिसमें केन्द्र सरकार की शहरी विकास से सम्बन्धित योजनाऐं स्मार्ट सिटी, अमृत योजना के तहत जो विकास हुआ है उसकी विस्तृत जानकारी दी जायेगी. इसके साथ ही स्थानीय घोषणा पत्र भी बनाया जायेगा जो कि निकाय की स्थानीय समिति तैयार करेंगी. सरकारी तंत्र का दुरूपयोग कांग्रेस की परंपरा पूनिया ने कांग्रेस पर सरकारी तंत्र का दुरूपयोग करने के भी आरोप लगाये. इस दौरान पूनिया ने कहा कि कांग्रेस इन निकाय चुनावों (Municipal Elections) में तिगडम बैठाने में लगी हुई है. चुनाव परिणाम आने के 7 दिन बाद अध्यक्ष पद का चुनाव होगा इससे जाहिर है कि सरकार इस दौरान अपने सरकारी तंत्र का दुरूपयोग करके तिगडम बैठाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी. भाजपा रालोपा की गठबंधन टूटा निकाय चुनाव में हनुमान बेनीवाल की राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के साथ चुनाव लडने के सवाल पर पूनिया ने कहा कि शहरी निकायों में भाजपा का अपना वजूद है इसलिए रालोपा के साथ गठबंधन नहीं होगा और भाजपा अकेले ही आगामी निकाय चुनाव लडेगी. वहीं बेनीवाल के पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे व पूर्व मंत्री युनूस खान द्वारा खींवसर चुनाव में कांग्रेस की मदद करने के आरोप वाले ट्वीट के सवाल पर पूनिया ने कहा कि खींवसर उपचुनाव रालोपा अकेले नहीं जीत सकती थी. खींवसर में भाजपा के कार्यकर्ताओं ने अपना खून-पसीना बहाया है पूरी मेहनत की है. भाजपा के वरिष्ठ नेता, प्रभारी व दोनों केंद्रीय मंत्री चुनाव के दौरान वहां मौजूद रहे. बेनीवाल पार्टी के नेताओं पर गलत बयान बाजी नहीं दें. बता दें कि आगामी 16 नवंबर को प्रदेश की 49 निकायों के लिए चुनाव (Municipal Elections) होंगे. जिसमें 3 नगर निगम, 18 नगर परिषद एवं 28 नगरपालिका शामिल हैं. इन चुनावों के परिणाम 19 नवंबर को घोषित होंगे वहीं अध्यक्ष पद का चुनाव 26 को तो उपाध्यक्ष का चुनाव 27 नवंबर को होगा. प्रदेश के 49 निकायों के करीब 2100 वार्डो के लिए यह चुनाव होगा जिसमें करीब 34 लाख मतदाता अपना पार्षद चुनने के लिए मताधिकार का प्रयोग करेंगे.