



वहीं बसपा के प्रदेश पार्टी मुख्यालय पर हुए इस घटनाक्रम पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि इन दोनों नेताओं ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ विश्वासघात किया है. वे पार्टी कार्यकर्ताओं की दुर्दशा को मायावती तक नहीं पहुंचाते हैं और भ्रष्टाचार करते हैं. घटना के संबंध में एक कार्यकर्ता ने कहा कि हम हमारे नेताओं से परेशान हैं. पार्टी के कार्यकर्ता पांच साल मेहनत करते हैं लेकिन ये नेता चुनाव के समय पैसे लेकर भाजपा और कांग्रेस के पैराशूट उम्मीदवारों को टिकट दे देते हैं. बसपा कार्यकर्ताओं और नेताओं को नजरअंदाज करने के साथ उनका शोषण किया जाता है. यह भी पढ़ें: हाईब्रीड फॉर्मूला या अचूक रामबाण! राजनीति के जादूगर ने साधे एक तीर से कई अचूक निशाने बता दें, पिछले दिनों बहुजन समाज पार्टी के 6 विधायकों के पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने के बाद भी प्रदेश भाजपा मुख्यालय पर कुछ इसी तरह का नजारा देखने को मिला था. पार्टी ने प्रदेश मुख्यालय पर प्रदेश कार्यकताओं और कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की थी जिसमें पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच जमकर लात-घूंसे चले थे. इसके बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने राजस्थान में बहुजन समाज पार्टी की पूरी कार्यकारिणी को भंग कर दिया था. प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी एक बार फिर से अपनी पहचान बचाने की कोशिश कर रही है. इसी के मददेनजर पार्टी के नेशनल कोऑर्डिनेटर रामजी गौतम सहित पार्टी के दो पदाधिकारी मंगलवार को जयपुर आए जहां उनके साथ ये घटनाक्रम घटित हो गया.कांग्रेस पार्टी ने पहले राजस्थान में बीएसपी विधायकों को तोड़ा और अब मूवमेन्ट को अघात पहुँचाने के लिए वहाँ वरिष्ठ लोगों पर हमला करवा रही है जो अति-निन्दनीय व शर्मनाक है। कांग्रेस अम्बेडकरवादी मूवमेन्ट के खिलाफ काफी गलत परम्परा डाल रही है जिसका जैसे को तैसा जवाब लोग दे सकते हैं।
— Mayawati (@Mayawati) October 22, 2019


