



Nirmal Choudhary Biography in Hindi - इस लेख में हम आपको निर्मल चौधरी की जीवनी, शिक्षा, परिवार, बच्चों और राजनीतिक करियर के बारे में बताएंगे.
Nirmal Choudhary Latest News – 2022 में हुए राजस्थान यूनिवर्सिटी छात्रसंघ के अध्यक्ष चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर भारी बहुमत से चुनाव जीतकर अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत करने वाले निर्मल चौधरी दो वर्ष बाद ही कांग्रेस में शामिल हो गए थे. युवाओ के बीच अच्छी पकड़ के दम पर अपनी राजनीतिक यात्रा को तेजी से आगे बढ़ाने वाले निर्मल जल्द ही राज्य स्तर पर चर्चित हो गए. कांग्रेस ने भी उन्हें यूथ आइकन के तौर पर राज्यभर में भुनाया. उसी निर्मल चौधरी को 21 जून 2025 को परीक्षा भवन से गिरफ्तार कर लिया गया. कांग्रेस इसको लेकर राजस्थान में राज्यव्यापी आंदोलन की धमकी दे रही है. इस लेख में हम आपको निर्मल चौधरी की जीवनी (Nirmal Choudhary Biography in Hindi) के बारें में जानकारी देने वाले है.
28 वर्षीय निर्मल चौधरी का जन्म राजस्थान के नागौर जिले में स्थित मेड़ता के पास एक गांव धमनिया में हुआ था. उनके पिता का नाम दयालराम चौधरी है तो माँ का नाम रूपादेवी है. उनके पिता सरकारी स्कूल में शिक्षक है जबकि माँ गृहणी है. ग्रामीण पृष्ठभूमि से सम्बन्ध रखने के कारण परिवार खेती-बाड़ी से जुड़ा हुआ है. निर्मल की दो बहने है, जिन्होंने जयपुर कॉलेज से पढाई की है.
निर्मल चौधरी 2022 से चर्चा में आये. उसी वर्ष उन्हें राजस्थान युनिवर्सिटी में हुए छात्र संघ चुनाव में जबरदस्त सफलता मिली थी. उन्होंने छात्र संघ के चुनाव में जीत के बाद अध्यक्ष का पद पाया था. उस समय निर्मल चौधरी ने निर्दलीय चुनाव लड़ा था और बावजूद इसके कि वह निर्दलीय थे, उस छात्रसंघ चुनाव में निर्मल की भारी बहुमत से जीत हुई थी. उस चुनाव में दूसरे स्थान पर एक अन्य निर्दलीय उम्मीदवार रही. तीसरे स्थान पर कांग्रेस प्रभाव वाली पार्टी एनएसयूआई जबकि भाजपा प्रभाव वाली पार्टी एबीवीपी चौथे स्थान पर रहे. निर्मल ने एनएसयूआई के रितु बराला, एबीवीपी के नरेंद्र यादव और एक मंत्री की बेटी निहारिका मीणा को हराया था.
उसी चुनाव में मिली सफलता ने निर्मल के लिए मुख्यधारा की राजनीती के मार्ग खोल दिए. क्योकि दो वर्ष बाद 2024 में लोकसभा चुनाव से पहले निर्मल ने कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई को ज्यॉइन कर ली. बाद में पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय चुनाव प्रभारी बना दिया. यही से उनकी पहचान एक छात्र नेता से राज्य स्तर के नेताओ में होने लगी क्योकि कांग्रेस उन्हें लोकसभा चुनाव में एक छात्र नेता के तौर पर प्रेजेंट किया था.
निर्मल चौधरी की पहचान एक दबंग छात्र नेता की रही है. निर्मल प्रायः लोगो से उलझने के लिए जाने जाते है. इसी तरह एक मामला प्रोफेसर से भिड़ने का भी है, जिसको लेकर चर्चा हुई थी. निर्मल ने बीते दिनों जयपुर के कोचिंग में हुए छात्रों की मौत को लेकर भी उग्र धरना दिया था. वही जोधपुर के एक रेजिडेंट डॉक्टर राकेश विश्नोई की मौत को लेकर भी धरना दिया. राकेश को न्याय दिलाने के नाम पर अस्पताल के काम को बाधित किया. अधिकारियो के बारम्बार समझाने पर भी अपने विरोध प्रदर्शन को उत्तेजित होकर जारी रखा. इससे अस्पताल के मरीज को ईलाज में बाधा आयी. एक मृत छात्र के लिए निर्मल ने अनेको मरीजों की जान से खिलवाड़ किया.
इसी दबंगई के कारण निर्मल पर एफआईआर दर्ज की गई. जिसको लेकर बाद में उनकी गिरफ्तारी की गई. नेता का काम जनता की रक्षा करना होना चाहिए पर निर्मल ने अपने प्रभाव दिखाने के लिए अस्पताल के काम को कई घंटो तक बाधित रखा. मरीजों की इमरजेंसी सहायता में बाधा आयी. इसी कारण शनिवार को उनके विरुद्ध मामला दर्ज किया गया था. हालांकि पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी एक पुराने मामले को लेकर हुई है.
21 जून, दिन शनिवार को पुलिस ने उन्हें और उनके साथ में आये विधायक अभिमन्यु पुनिया को तब अरेस्ट किया जब वे दोनों स्नातकोत्तर (एमए) की परीक्षा देने आये थे. वहां पर पुलिस पहले से ही सादी वर्दी में मौजूद थी. हालांकि विधायक को बाद में छोड़ दिया गया है. और अगले दिन यानि 22 जून को निर्मल को जमानत मिल गई.
इस लेख में हमने आपको निर्मल चौधरी की जीवनी (Nirmal Choudhary Biography in Hindi) के बारे में जानकारी दी है. अगर आपका कोई सुझाव है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं.


