



शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शंकराचार्य नियुक्ति बयान पर किया कड़ा पलटवार, शंकराचार्य ने मीडिया से बात करते हुए कहा- सनातन धर्म में शंकराचार्य की पहचान किसी राजनीतिक प्रमाणपत्र या सरकार के आदेश से नहीं होती और कोई राजनीतिक दल यह तय नहीं कर सकता कि कौन होगा शंकराचार्य, उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा- स्वामी वासुदेवानंद को शंकराचार्य का दिया गया था प्रमाणपत्र, लेकिन उच्चतम न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट ने रोक रखा है उन्हें, वही अविमुक्तेश्वरानंद ने सपा पर तंज कसते हुए कहा- सपा ने शंकराचार्य को मारा था, आप भी मार चुके हो, अगर यही परिभाषा है तो सपा से अलग कैसे हो सकते हो? शंकराचार्य ने आगे बड़ा बयान देते हुए कहा- गोरखनाथ की वाणी में स्पष्ट है कि जो योगी बन गया, उसे राजपाट से रहना चाहिए दूर, राजा योगी बन सकता है, लेकिन योगी फिर से नहीं बनता राजा, तो सवाल यह है कि अगर आप योगी हैं, विरक्त हैं, तो मुख्यमंत्री सत्ता स्वीकार कैसे कर रहे हैं? अब उनके इस बयान की हर तरफ हो रही है जोरदार चर्चा, बता दें शुक्रवार को सदन में सीएम योगी आदित्यनाथ ने अविमुक्तेश्वरानंद के मुद्दे पर पहली बार रखी थी अपनी बात, उन्होंने कहा था कि हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं लिख सकता, कोई भी नहीं है कानून से ऊपर


