ऊँट के मुँह में जीरा- डबल इंजन की भजनलाल सरकार के बजट 2026 पर डोटासरा का तंज

11 Feb 2026

घोषणाएं तो कई की लेकिन राशि का अवंटन नहीं, किसानों, युवाओं, महिलाओं और उद्यमियों को हुई निराशा, किसानों से की वादाखिलाफी, हर साल 1 लाख नौकरियों का वादा किया था लेकिन बजट में नहीं की घोषणा

जयपुर। भजनलाल सरकार ने विधानसभा में राजस्थान बजट-2026 पेश किया. वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बजट भाषण में कई घोषणाएं की लेकिन प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने गोविन्द सिंह डोटासरा ने राज्य की डबल इंजन सरकार सरकार के बजट को निराशाजनक बताया है. डोटासरा ने कहा कि बजट में प्रदेश की प्रगति और विकास के लिये अपेक्षित योजनाओं के लिए राशि आवंटित नहीं होने से प्रदेशवासियों में मायूसी है. यमुना जल प्रोजेक्ट को लेकर डोटासरा ने कहा कि बजट भाषण में योजना का जिक्र तो किया है लेकिन इसके लिए कोई राशि आवंटित नहीं की गई और ना ही परियोजना शुरू होने की टाइमलाइन बताई है. इसी प्रकार आरसीपी परियोजना में कराये जाने वाले कार्यों के लिये कोई बजट आवंटन राशि का नहीं हुआ है.

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प्रदेश कांग्रेस ने बजट में भाजपा सरकार द्वारा प्रदेश की जमीन और लैण्ड बैंक के बंदरबाट के आरोपों को भी दोहराया. गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि सरकार ने रोजाना 8 उद्योगों को भूमि आवंटित करने की स्वीकृति देना बताया है, जबकि कितने उद्योग स्थापित हुए. राइजिंग राजस्थान के तहत कितना निवेश आया और कितने रोजगार सृजित हुए. इस पर बजट में सरकार पूरी तरह मौन है.

स्कूलों की मरम्मत और नये स्कूल भवनों की घोषणा को लेकर गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि राजस्थान सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक 3768 स्कूल भवन जर्जर हैं, कक्षा-कक्ष और शौचालयों में मरम्मत की आवश्यकता है, इनकी मरम्मत और सुधार के लिये 21 हजार करोड़ रुपये की आवश्यकता बताई गई है, किन्तु हाईकोर्ट द्वारा तल्ख टिप्पणी के बावजूद सरकार ने मात्र 2500 विद्यालयों की मरम्मत एवं जीर्णोद्धार के लिए 550 करोड़ रुपये की घोषणा की है. साथ ही 300 भवन विहीन और जर्जर स्कूलों के भवनों के निर्माण के लिए महज 450 करोड़ की घोषणा की है.

डोटासरा ने किसानों और युवाओं के रोजगार के मुद्दे पर भी सरकार पर निशाना साधा. डोटासरा ने कहा कि बजट में किसानों से गेहूं की खरीद एमएसपी पर बोनस देकर 2750 की दर से खरीद करने की भी घोषणा नहीं की गई, ना ही बाजरे की एमएसपी पर खरीद करने की घोषणा की गई, जबकि ये वादे भाजपा ने चुनाव से पहले प्रदेश के किसानों से किये थे. बजट में राज्य सरकार की एक लाख भर्तियां हर साल करने की घोषणा के अनुरूप नई भर्तियों की कोई घोषणा नहीं हुई. राज्य सरकार के बजट में छात्रों को टेबलेट और लैपटॉप देने जैसी योजनाओं का बजट आधा कर दिया और पुरानी घोषणायें भी अभी तक अधूरी है.

डोटासरा ने कहा कि सरकार द्वारा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के तर्ज पर राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी स्थापित करने की घोषणा की गई है, यह घोषणा पूर्व में भी सरकार द्वारा की गई थी, लेकिन योजना ने मूर्त रूप नहीं लिया. बजट में कोई नया कॉलेज, अस्पताल खोलने जैसी कोई घोषणा नहीं हुई है। बल्कि पिछले बजट में जयपुर में आधारभूत सुविधायें के निर्माण सहित प्रदेश के अन्य हिस्सों में इन्फ्रास्टक्चर निर्माण करने की घोषणायें फिजीबल नहीं होने के आधार पर निरस्त कर दी गई. ग्राम पंचायत और ब्लॉक स्तर पर खेल के आयोजन के लिये आवंटित 50 करोड़ नाकाफी हैं. इसी प्रकार अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त सरकारी भवनों की मरम्मत के लिए बजट में आवंटित 500 करोड़ रुपये ऊंट के मुंह में जीरे के समान है. बजट केवल पुरानी चली आ रही योजनाओं के क्रियान्वयन और छोटे-मोटे बदलावों के आधार पर प्रस्तुत किया गया है जिसमें प्रदेश के विकास का रोड मैप नजर नहीं आ रहा है. प्रदेश के किसानों, युवाओं, महिलाओं और उद्यमियों को बजट से निराशा हुई है.