ज्योति मिर्धा की जीवनी | Jyoti Mirdha Biography in Hindi

6 Feb 2026

Jyoti Mirdha Biography in Hindi - इस लेख में हम आपको ज्योति मिर्धा की जीवनी, शिक्षा, परिवार, बच्चों और राजनीतिक करियर के बारे में बताएंगे.

Jyoti Mirdha Latest News -  ज्योति मिर्धा राजस्थान की राजनीति का एक प्रमुख नाम है, जो नागौर के प्रतिष्ठित मिर्धा परिवार से आती है. पेशे से डॉक्टर रही ज्योति ने राजनीति में 2009 में सांसद चुनी गई थी, उसके बाद से वह लगातार राजनीति में सक्रिय है. लगभग डेढ़ दशक तक कांग्रेस के साथ बने रहने के बाद उन्होंने सितंबर 2023 में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली. वर्तमान में, मिर्धा भाजपा के साथ बनी हुई है और राज्य में पार्टी के जनाधार को बढ़ाने में लगातार प्रायसरत है. ज्योति की पहचान शिक्षित और नीतिगत मुद्दों पर स्पष्ट राय रखने वाली नेत्री के तौर पर होती है. इस लेख में हम आपको ज्योति मिर्धा की जीवनी (Jyoti Mirdha Biography in Hindi) के बारें में जानकारी देने वाले है.

ज्योति मिर्धा की जीवनी (Jyoti Mirdha Biography in Hindi)

पूरा नामज्योति मिर्धा
उम्र53 साल
जन्म तारीख26 जुलाई 1972
जन्म स्थाननई दिल्ली
शिक्षाएमबीबीएस
कॉलेजसवाई मान सिंह मेडिकल कॉलेज, जयपुर
वर्तमान पद-
व्यवसायडॉक्टर, राजनीतिक
राजनीतिक दलभारतीय जनता पार्टी
वैवाहिक स्थितिविवाहित
पिता का नामराम प्रकाश मिर्धा
माता का नामवीणा मिर्धा
पति का नामनरेंद्र गहलोत
बेटें का नामएक बेटा
बेटी का नाम-
स्थाई पता-
वर्तमान पता-
फोन नंबर-
ईमेल-

ज्योति मिर्धा का जन्म और परिवार (Jyoti Mirdha Birth & Family)

ज्योति मिर्धा का जन्म 26 जुलाई 1972 को नई दिल्ली में हुआ था. उनके पिता का नाम राम प्रकाश मिर्धा है.  उनके माता का नाम वीणा मिर्धा है.

ज्योति मिर्धा के दादा का नाम नाथुराम मिर्धा था, जो राजस्थान के नागौर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से छह बार के सांसद थे. ज्योति मिर्धा का विवाह नरेंद्र गहलोत से हुआ था, जो पेशे से बिजनेसमैन है. उनके एक बेटा है. वह वर्तमान में गुड़गांव में रहती है. ज्योति मिर्धा धर्म से हिन्दू है और जाति से जाट है. ज्योति मिर्धा पर 0 आपराधिक मुकदमा दर्ज है.

ज्योति मिर्धा की शिक्षा (Jyoti Mirdha Education)

ज्योति मिर्धा ने वर्ष 1997 में सवाई मान सिंह मेडिकल कॉलेज, जयपुर से एमबीबीएस (बैचलर ऑफ मेडिसिन, बैचलर ऑफ सर्जरी) किया है.

ज्योति मिर्धा का राजनीतिक करियर (Jyoti Mirdha Political Career)

डॉ. ज्योति मिर्धा राजस्थान के प्रभावशाली राजनीतिक घराने से आती है. उनके दादा नाथुराम मिर्धा, राजस्थान के वरिष्ठ नेता माने जाते थे. जाटलैंड में मिर्धा परिवार का बहुत अधिक प्रभाव रहा है. उनके दादा नाथूराम मिर्धा नागौर लोकसभा सीट से 1971 से लेकर 1996 तक कुल छह बार सांसद चुने जाते रहे थे. हालांकि 1984 में उनकी यहाँ से हार हुई थी. 1996 में नाथुराम मिर्धा की मृत्यु हो गई, जिसके बाद इस सीट पर 1997 में उपचुनाव हुए थे, जिसमें यहाँ से भाजपा के भानु प्रकाश मिर्धा जीतकर सांसद बने. लेकिन नाथूराम जब तक जीवित रहे, तब तक उनका प्रभाव इस क्षेत्र में कम नहीं हुआ. अब यही कारण रहा कि ज्योति मिर्धा 'नागौर' से चुनाव लड़ना स्वीकार किया. चुनाव के दौरान एक नारा खूब चला था, 'बाबा की पोती, नागौर की ज्योति'.

चूँकि ज्योति के दादा कांग्रेसी थे, और उनकी छह में से पांच बार की जीत कांग्रेस के टिकट पर हुई थी, इसलिए ज्योति ने भी अपनी राजनीतिक यात्रा कांग्रेस के साथ ही शुरू की. पर राजनीति में आने से पहले ज्योति पेशे से डॉक्टर रही है. एक डॉक्टर होने के साथ ही वह व्यापारिक घराने से आती है. उनके कई व्यवसाय है. लेकिन यदि राजनीति की बात करें तो न केवल  ज्योति के दादा ही राजनीति में सक्रिय रहे है, बल्कि ज्योति की सास कृष्णा गहलोत भी राजनीति में रही है और वह हरियाणा सरकार में मंत्री भी रह चुकी है.

डॉ. ज्योति मिर्धा के राजनीति में आने के बाद कांग्रेस ने उन्हें 2009 के लोकसभा चुनाव में नागौर सीट से अपना उम्मीदवार बनाया. इस चुनाव में उनकी जीत हुई. चुनाव में उनका मुख्य सामना भाजपा के बिंदु चौधरी से था. चुनाव में ज्योति मिर्धा को कुल 3,33,261 मत हासिल हुए जबकि दूसरे स्थान पर रही भाजपा की बिंदु चौधरी को मात्र 1,78,124 मत हासिल हुए. इस तरह से ज्योति मिर्धा की 15वीं लोकसभा में नागौर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से 1,55,137 मतों के अंतर से जीत हासिल हुई.

लेकिन 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में उनकी लगातार हार हुई. इसी के बाद उन्होंने भाजपा के शरण में जाना अधिक उचित समझा. हालांकि राजस्थान का मिर्धा समुदाय पारंपरिक रूप से कांग्रेस का समर्थक रहा है पर ज्योति ने उस परंपरा को तोड़ा और सितंबर 2023 में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं की उपस्थिति में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की. कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री रही ज्योति मिर्धा के भाजपा में आने के बाद राज्य में कांग्रेस पार्टी के जनाधार में, विशेषकर नागौर, सीकर, झुंझुनू में कम हुआ, जबकि इन क्षेत्रों में भाजपा का प्रभाव बढ़ा. 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें एक बार फिर से नागौर से अपना उम्मीदवार बनाया, पर वह आरएलपी के हनुमान बेनीवाल से हार गई. दूसरे स्थान पर रही ज्योति को कुल 554,730 मत पड़े, और वह हनुमान बेनीवाल से 42,225 मतों के अंतर से हार गई.

ज्योति मिर्धा की संपत्ति (Jyoti Mirdha Property)

2024 के लोकसभा चुनाव में दाखिल किये गए घोषणापत्र के अनुसार ज्योति मिर्धा की कुल संपत्ति 102 करोड़, 61 लाख रूपये हैं, जबकि उनपर 36 करोड़ रूपये का कर्ज भी है.

इस लेख में हमने आपको ज्योति मिर्धा की जीवनी (Jyoti Mirdha Biography in Hindi) के बारे में जानकारी दी है. अगर आपका कोई सुझाव है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं.