फिर जल उठा मणिपुर: एनडीए सरकार बनने के दो दिन बाद फिर वही हालात

6 Feb 2026

मैतेई और कुकी समुदाय के बीच जातीय हिंसा पकड़ रही जोर, चूराचांदपुर में 12 घंटे का बंद, बीते एक साल से लगा हुआ था राष्ट्रपति शासन, हिंसा के चलते ही तत्कालीन मुख्यमंत्री ने दिया था इस्तीफा

Manipur News: मणिपुर में नई सरकार बनने के बाद केवल 48 घंटों के भीतर ही पुराने हालात फिर से पनप गए. बीते एक साल से मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगा हुआ था. मैतेई और कुकी समुदाय के बीच जातीय हिंसा के कारण 9 फरवरी 2025 को तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने इस्तीफा दिया था. इसके 4 दिन बाद, 13 फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था. 4 फरवरी को युमनाम खेमचंद सिंह ने नए सीएम पद की शपथ ग्रहण की. इसके दो दिन बाद ही मणिपुर फिर से जल उठा. प्रदर्शनकारियों ने टायरों में आग लगा सड़कों पर जाम लगा दिया. पत्थरबाजी की जानकारी भी मिली है. सुरक्षाबलों ने भीड़ को तितर बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और समझाइश की कोशिश की जा रही है.

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दरअसल यह प्रदर्शन मणिपुर के चूराचांदपुर में नए उप मुख्यमंत्रियों नेमचा किपगेन और लोसी दिखो के शपथ ग्रहण के खिलाफ किया जा रहा है, जबकि राजधानी इंफाल में दिनदहाड़े सैकड़ों लोगों की हत्या कर दी गई और उनकी लाखों की संपत्ति जला दी गई, साथ ही उनके चर्चों को भी आग लगा दी गई. आदिवासी संगठन जॉइंट फोरम ऑफ सेवन ने कुकी-बहुल चूराचांदपुर में शुक्रवार सुबह 6 से 12 घंटे का बंद बुलाया है. क्षेत्र में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है. शांति बहाल के लिए असम राइफल्स को स्थिति को शांत करने के लिए तैनात किया गया है.

डिप्टी सीएम और 3 विधायकों का विरोध

नई सरकार में नेम्चा किप्गेन के डिप्टी सीएम बनने पर कुकी समुदाय बंट गया है. किप्गेन प्रदेश की पहली महिला डिप्टी सीएम हैं. नेम्चा किप्गेन कुकी समाज से आती हैं जबकि अन्य दो विधायक खौटे और न्गुर्संगलुर हैं. तीनों बीजेपी में शामिल हो रहे हैं, जिसके चलते विश्वासघात व मैतेई से गठबंधन का आरोप लगाकर सरकार में शामिल तीनों कुकी विधायकों के सामाजिक बहिष्कार की घोषणा की जा रही है. कुकी समुदाय 'कुकीलैंड' या 'जूमलैंड' नाम से अलग प्रशासनिक स्वायत्तता की मांग कर रहे हैं. अब देखना होगा कि नई सरकार किस तरह से मणिपुर को जलने से रोक पाती है.