प्यासा है राजस्थान और केंद्र है बेखबर: लोकसभा में बेनीवाल का तीखा हमला, जानें पूरी खबर

5 Feb 2026

लोकसभा में उठा राजस्थान के गंभीर जल संकट का मुद्दा, केंद्र सरकार के जवाब को सांसद हनुमान बेनीवाल ने बताया अधूरा

Rajasthan: लोकसभा में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सुप्रीमो एवं नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने गुरुवार को सतही जल की उपलब्धता और अंतरराज्यीय जल विवादों को लेकर केंद्र सरकार को घेरा. उनके सवाल पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने जवाब दिया, जिस पर बेनीवाल ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने योजनाओं और आंकड़ों का ब्योरा तो दिया, लेकिन राजस्थान की ज़मीनी सच्चाई और तत्काल समाधान को पूरी तरह नज़रअंदाज़ कर दिया. उन्होंने कहा कि यह जवाब राज्य के गंभीर जल संकट को स्वीकारने में भी अधूरा है.

यह भी पढ़े: ‘खेजड़ी बचाओ आंदोलन की संसद में गूंज’- सांसद हनुमान बेनीवाल ने उठाई ये बड़ी मांग

यह भी पढ़े: पंजाब में इस दिग्गज AAP नेता की गोली मारकर हत्या, सिर-सीने पर मारीं 6 गोलियां

सरकार के जवाब से सामने आए तथ्य
मंत्री द्वारा दिए गए जवाब में दिए गए आंकड़ों के अनुसार राजस्थान में वार्षिक भूजल पुनर्भरण 12.87 बीसीएम है, जबकि दोहन 17.10 बीसीएम तक पहुँच चुका है. यानी राज्य अपनी क्षमता से कहीं ज़्यादा पानी निकालने को मजबूर है. यह स्थिति स्पष्ट रूप से बताती है कि राजस्थान अत्यधिक जल-तनाव की श्रेणी में है. योजनाओं का ब्योरा, राहत का अभाव सरकार ने उत्तर में नदी जोड़ परियोजनाओं और केंद्र प्रायोजित योजनाओं का उल्लेख किया, लेकिन यह नहीं बताया कि राजस्थान को अभी कितना अतिरिक्त पानी मिला वहीं कितने गांवों और कस्बों में पीने के पानी की स्थिति सुधरी और कितने किसान आज भी सिंचाई के लिए टैंकर और ट्यूबवेल पर निर्भर हैं.

नदी जोड़ परियोजनाएँ: भविष्य का सपना, आज की प्यास
सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि विभिन्न परियोजनाओं का ज़िक्र वर्षों से हो रहा है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर इनका लाभ आज तक आम नागरिक को नहीं मिला,उन्होंने कहा कि महंगी और दीर्घकालिक परियोजनाओं के सहारे वर्तमान संकट को टालना राजस्थान की जनता के साथ अन्याय है.

अंतरराज्यीय जल बंटवारा: केंद्र की चुप्पी
जवाब में यह तो बताया कि सरकार ने यह तो माना कि जल बंटवारा न्यायाधिकरणों के अधीन है, लेकिन यह नहीं बताया कि राजस्थान को उसके न्यायोचित हिस्से का पानी दिलाने के लिए केंद्र ने क्या ठोस पहल की वहीं पड़ोसी राज्यों से लगातार मिल रही शिकायतों पर क्या कार्रवाई हुई. सांसद हनुमान बेनीवाल बेनीवाल ने कहा कि राजस्थान को पंजाब से और गुजरात भी जल समझौते के अनुसार हिस्से का पानी नहीं मिल रहा है मगर केंद्र इस मामले में खामोश है.