



रेल परियोजनाओं में भूमि अवाप्ति के एवज में दिए जा रहे अत्यंत कम मुआवजे को लेकर बरसे सांसद बेनीवाल, बोले - वादा करके मुकर गए मंत्री अश्विनी वैष्णव
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के अध्यक्ष व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने रेल परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण हेतु केंद्र सरकार द्वारा दिए जा रहे मुआवजे को लेकर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव खुद राजस्थान से आते हैं लेकिन उन्हें किसानों के भविष्य की कोई चिंता नहीं है. मंत्री अश्विनी किसानों से उचित मुआवजा देने का वादा कर मुकर गए हैं. सांसद बेनीवाल ने यह बात लोकसभा में रेल परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण हेतु उचित मुआवजा देने से जुड़े प्रश्न के जवाब आने के बाद कहा.
यह भी पढ़ें: धारीवाल ने विधानसभा में फिर दी गाली! बीजेपी के इस नेता को कहा- आपकी बात आधी तो समझ आती है और…
मंत्री का जवाब भ्रमित करने जैसा
रेल मंत्री के जवाब पर सांसद हनुमान बेनीवाल ने भरसते हुए कहा कि मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मूल प्रश्न को भ्रमित करने वाला जवाब दिया. मंत्री ने स्वयं प्रतिनिधिमंडल के समक्ष मेड़ता से पुष्कर व रास-मेड़ता तक अवाप्त होने वाली कृषि भूमि के एवज में अच्छा मुआवजा किसानों को देने का वादा किया था. सांसद बेनीवाल ने कहा कि यह दुर्भाग्य है कि उन्हें (रेल मंत्री) धरातल पर रेल परियोजनाओं से प्रभावित होने वाले किसानों के भविष्य की कोई चिंता नहीं है.
यह भी पढ़े: विधानसभा में गहलोत के ‘नकारा’ और ‘निकम्मा’ वाले बयान की गूंज! इस विधायक ने कही ये बड़ी बात
यह था मंत्री वैष्णव का जवाब
सांसद बेनीवाल द्वारा पुष्कर-मेड़ता (कात्यासानी-51.346 किमी.) और मेड़ता सिटी-रास (51.40 किमी.) नई रेलवे लाइन सहित अन्य परियोजनाओं में दिए जा रहे मुआवजे को लेकर प्रश्न पूछा गया था. इस प्रश्न का लिखित जवाब देते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया, 'भूमि अधिग्रहण हेतु मुआवजे का भुगतान राज्य सरकार द्वारा किया जाता है, जो भूमि अधिग्रहण अधिनियमों के प्रावधानों के अनुसार मुआवजे की राशि संबंधी निर्णय लेती है. पुष्कर-मेड़ता और रास-मेड़ता नई लाइन परियोजनाओं में संरेखण संबंधी अभ्यावेदन प्राप्त हुए थे. तदनुसार, सभी तकनीकी-आर्थिक कारकों पर विचार करने के बाद ही संरेखणों को अंतिम रूप दिया गया था. इसमें सुनिश्चित किया गया है कि रेल लाइन निर्माण हेतु न्यूनतम भूमि का अधिग्रहण किया जाए.' नई रेलवे लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण रेल अधिनियम, 1989 के तहत शुरू किया गया है.
मंत्री अश्विनी ने बताया कि राजस्थान में अधिग्रहण के लिए भूमि का कुल क्षेत्र 4711 हेक्टेयर है, जिनमें से 2462 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है और शेष 2248 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है. उन्होंने ये भी बताया कि राजस्थान राज्य में पूर्णतः अंशतः पड़ने वाली अवसंरचना परियोजनाओं और संरक्षा कार्यों के लिए वर्ष 2009 से 2014 तक 682 करोड़ रुपए तथा 2025-26 में 9960 करोड़ रुपए का बजट आवंटन किया जा चुका है.


