



पेपर लीक, मिड डे मील घोटाले, कानून व्यवस्था को लेकर किये तीखे प्रहार, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बयानों को लेकर डोटासरा का करारा हमला, कहा- मैं रोज तैयार होता हूं कि पता नहीं कब जेल जाना पड़ जाए
जयपुर। राजस्थान विधानसभा के मौजूदा सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक गोविंद सिंह डोटासरा ने पेपर लीक, मिड डे मील, कानून व्यवस्था समेत सरकार की नीतियों को लेकर तीखे प्रहार किये. गोविंद सिंह डोटासरा ने पेपर लीक के मामलों में सरकार को सीधे चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार में हिम्मत है, तो 12 वर्षों में हुई भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई से जांच करवा लो. मैं लिख कर दे रहा हूं कि आपकी सरकार गिर जाएगी. पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में पेपर आउट हुए तो हमने कार्रवाई की. अगर कमी रह गई है तो सरकार कार्रवाई करे. रोजना भाषण देने से काम नहीं चलेगा. गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि रोजाना बातें करने से कुछ नहीं होगा. बच्चों का भविष्य बर्बाद नहीं हो, इसके लिए हम सबको एक होकर काम करना पड़ेगा. पेपर माफिया पकड़े जाएं और उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाए, यही हमारी जिम्मेदारी होनी चाहिए. एक दूसरे पर आरोप लगाने से कुछ नहीं होगा.
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मंत्री मदन दिलावर पर डोटासरा का निशाना
गोविंद सिंह डोटासरा ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बयानों को लेकर भी निशाना साधा. डोटासरा ने कहा कि मदन दिलावर तो मुझे रोज जेल भेजते हैं, मैं रोज तैयार होता हूं कि पता नहीं कब जेल जाना पड़ जाए. मिड डे मील में भ्रष्टाचार को लेकर गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा पलटवार करते हुए कहा कि मिड डे मील में भ्रष्टाचार की बात करते हैं, लेकिन आप इस मामले में कार्रवाई नहीं कर पाओगे. क्योंकि मिड डे मील में 100 आईएएस अफसर, 44 ट्रेजरी ऑफिसर, 1000 के लगभग आरएएस अधिकारी और हजारों शिक्षा अधिकारियों के हस्ताक्षरों के बाद सरकार ने पेमेंट किया था. आप में हिम्मत है, तो इसकी जांच करवा लेना और इन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करके बता देना. डोटासरा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 2 साल में शिक्षा मंत्री ने शिक्षा विभाग को बर्बाद करके रख दिया है. स्कूलों में पौने दो लाख नामांकन कम हो गए हैं. डेढ़ लाख शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं, हजारों स्कूल अतिवृष्टि के नाम पर जर्जर कर दिए गए. 80 हजार कमरे बैठने लायक नहीं है.
पेपर लीक के गिनाये आंकड़े
गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा सरकार में हुए पेपर आउट का मामला उठाते हुए कहा कि सरकार दावे करती है कि पेपर आउट नहीं हो रहे हैं, लेकिन अलवर में एनसीसी का पेपर आउट हुआ. चूरू में कक्षा 10 का पेपर आउट हुआ. शेखावाटी यूनिवर्सिटी का पेपर आउट हुआ, भरतपुर, जोधपुर बाड़मेर में नीट का पेपर आउट हुआ. नेशनल सीड्स कॉरपोरेशन का पेपर आउट हुआ. नवलगढ़ में आरएएस का पेपर खुला मिला. राजस्थान विश्वविद्यालय में फिजिक्स का पेपर आउट हुआ और अजमेर में एमडीएस यूनिवर्सिटी के ग्रेजुएशन की उत्तरपुस्तिका 10 कक्षा के बच्चों द्वारा जांचने का वीडियो वायरल हुआ. डोटासरा ने कहा कि जेल प्रहरी 2016 का पेपर आउट हुआ. रीट पेपर 2017, रीट पेपर 2016, रीट पेपर 2015 का पेपर आउट हुआ. आरएएस प्री 2013, एलडीसी भर्ती, राजस्थान कनिष्ठ लेखाकार परीक्षा और पुलिस भर्ती 2017 का पेपर भी आउट हुआ. भाजपा में दम है तो इन भर्ती परीक्षाओं की भी जांच करनी चाहिए.
कानून व्यवस्था और पुलिस व्यवस्था पर उठाये सवाल
राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा करते हुए डोटासरा ने प्रदेश में कानून व्यवस्था और पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल उठाये. डोटासरा ने कहा कि राजस्थान में अपराधियों के खिलाफ एफआईआर नहीं हो रही है. आईजी थानों में टेलीफोन कर अपराध के आंकड़े घटाने के लिए FIR कम से कम करने को कहते हैं. पिछले 2 साल में दलित अत्याचार के मामले 20% बढ़ गए. 2 साल में पॉक्सो के मामले 38% बढ़ गए. दलित बच्चों के खिलाफ अत्याचार के मामले 20% बढ़ गए. बजरी का तो कहना ही क्या, गुजरात मॉडल राजस्थान में चल रहा है, गुजरात से आए हुए लोग बजरी का पैसा खा रहे हैं.
पंचायत चुनाव नहीं कराने से हुआ 3000 करोड़ का नुकसान
डोटासरा ने कहा कि भाजपा सरकार के 2 साल के शासन में हर वर्ग परेशान है. कोई सुनने वाला नहीं है. संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग हो रहा है. डोटासरा ने कहा कि पंचायत के चुनाव नहीं करने का सबसे बड़ा नुकसान यह हुआ है कि 3000 करोड़ रुपए जो गांव के विकास पर खर्च होने थे, वह केंद्र सरकार ने नहीं दिए हैं. अगर 31 मार्च तक चुनाव नहीं कराए गए, तो 3000 करोड़ रुपए लैप्स हो जाएंगे.
डोटासरा ने राइजिंग राजस्थान और खेलो इंडिया को लेकर भी सवाल उठाये डोटासरा ने कहा कि राइजिंग राजस्थान में कितने एमओयू धरातल पर उतरे हैं. उसके बारे में सरकार को बताना चाहिए. खेलो इंडिया में 100 करोड़ रुपए बर्बाद कर दिए और खिलाड़ी नहीं आए. डोटासरा ने कहा कि यमुना जल समझौते में कुछ नहीं हुआ है. ईआरसीपी में भी 14000 करोड़ रुपए जो हमने दिए थे. उसके अलावा एक फूटी कौड़ी नहीं दी और उसके भी टेंडर इन्होंने अडानी को दे दिए हैं.


