राहुल गांधी के बयान पर सदन में जोरदार हंगामा, अध्यक्ष ओम बिरला ने दी सीरियस वार्निंग, पढ़े पूरी खबर

2 Feb 2026

राजनाथ सिंह ने कहा- राहुल गांधी की बातें काल्पनिक, किरेन रिजिजू ने कहा- सेना का मनोबल गिराकर क्या मिलेगा, राहुल गांधी ने कहा- सत्ता पक्ष विपक्ष के चरित्र पर टिप्पणी करता है तो उनको अनुमति है, विपक्ष बोलने नहीं दिया जाता

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान पर लोकसभा में जमकर हंगामा हुआ. हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही 2 बार स्थगन के बाद आखिरकार मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई. राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने भारत-चीन संबंधों पर बोलने लगे तो सदन में हंगामा हो गया. सत्ता पक्ष ने राहुल गांधी के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई. हंगामे के चलते पहले सदन की कार्यवाही दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई. जब सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई तो राहुल गांधी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वो भारत-चीन संबंधों पर मौलिक प्रश्न उठा रहे थे. कैलाश पर्वत पर क्या हुआ, उस पर अपनी बात रखना चाहते थे . यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है. चीन की सेना कैलाश पर्वत की तरफ बढ़ रही थी. राहुल गांधी के बार-बार चीन का मामला उठाने पर सत्ता पक्ष सदस्यों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई.

राहुल गांधी की बातें काल्पनिक
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि विपक्ष के नेता जो कह रहे हैं वो पूरी तरह काल्पनिक बातें कर हैं. राहुल गांधी ने फिर से अपनी बात रखने की कोशिश की तो संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश को नीचा दिखाकर आपको क्या मिलेगा. राहुल गांधी ऐसी बात कर रहे हैं जिसका कोई औचित्य नहीं है. सदन में सेना का मनोबल गिराने वाली बात नहीं बोलनी चाहिए.

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राहुल गांधी अपने भाषण के दौरान पूर्व सेना प्रमुख की अप्रकाशित बुक के हवाले से भारत-चीन सीमा पर डोकलाम के बारे में बोल रहे थे. इस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि किसी मैगजीन के हवाले से सदन में कोई बात कहना नियमों के खिलाफ है. राजनाथ सिंह ने कहा कि किसी अप्रकाशित पुस्तक का हवाला देकर विपक्ष के नेता सदन को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं. इस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच नोकझोंक होने लगी. इस बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने व्यवस्था दी कि सदन में किसी अखबार की कटिंग, पत्रिका या किसी पुस्तक में प्रकाशित बातों के आधार पर कोई सदस्य अपनी बात नहीं रख सकता.

इस दौरान गृहमंत्री अमित शाह और संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने भी राजनाथ सिंह की बात का समर्थन किया. अमित शाह ने कहा कि विपक्ष के नेता को बोलने का अधिकार है लेकिन जब अध्यक्ष ने व्यवस्था दी है तो उसका पालन करना चाहिए. विपक्ष के नेता किसी अन्य की लिखी बातों को नहीं बोल सकते. संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि जब अध्यक्ष व्यवस्था दे चुके हैं तो विपक्ष के नेता को उसका पालन करना चाहिए. उनका कहना था कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विपक्ष के नेता की बात सुनने के लिए सदन में बैठे हैं इसलिए उन्हें नियम के तहत बोलना चाहिए. रक्षा मंत्री के आपत्ति जताने के बावजूद राहुल गांधी बार बार उसी पुस्तक का उल्लेख करते रहे इस पर सदन में हंगामा हो गया.

सपा नेता अखिलेश यादव ने किया राहुल गांधी का समर्थन
इस दौरान समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने कहा कि चीन का मुद्दा बहुत संवेदनशील है और राहुल गांधी को उस पर बोलने की अनुमति देनी चाहिए. कांग्रेस के के सी वेणुगोपाल ने भी कहा कि नियम है कि सदन में नियम 349 के तहत संवेदनशील मुद्दों को पत्रिका में छपे लेख पर बोला जा सकता है. उन्होंने कहा कि अध्यक्ष के नियम सिर्फ विपक्ष के सदस्यों के लिए हैं.

ओम बिरला ने कहा- 'मैं आपका सलाहकार नहीं'
इस बीच राहुल गांधी ने कहा कि अध्यक्ष ही बता दें कि उन्हें क्या करना चाहिए. इस पर ओम बिरला ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि 'मैं आपका सलाहकार नहीं हूं. अध्यक्ष होने के नाते मेरा दायित्व है कि सदन नियमों से चले.' लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि यदि विपक्ष के नेता व्यवस्था को नहीं मानते हैं और कुर्सी का अपमान करते हैं तो यह उचित नहीं है.

सत्ता पक्ष को अनुमति, मुझे बोलने से रोका जा रहा- राहुल गांधी
राहुल गांधी ने नेता ने कहा कि वह भारत और चीन के संबंधों के बारे में वह बोलना चाहते हैं इस पर भी बोलने की इजाजत नहीं दी जा रही है. राहुल गांधी ने कहा कि सत्ता पक्ष विपक्षी दल पर, विपक्ष के चरित्र पर टिप्पणी करते हैं, तो उनको बोलने दिया जाता है लेकिन अब मुझे रोका जा रहा है. राहुल गांधी फिर से उसी मुद्दे पर बोलने लगे तो अध्यक्ष ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई. लोकसभा अध्यक्ष ने राहुल गांधी को टोकते हुए राष्ट्रपति के अभिभाषण पर अपनी बात रखने को कहा. सरकार की नीतियों पर बात करें. सेना की आलोचना करना उचित नहीं है, उन तथ्यों पर बात करें जो देशहित में है. इस पर राहुल गांधी ने कहा कि सेना का हर जवान वास्तविकता को जानता है. इस पर फिर से सदन में हंगामा हो गया और सदन की कार्यवाही शाम 4 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई. बाद में जब फिर से सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो राहुल गांधी फिर से उसी मुद्दे पर बोलने के लिए अड़े रहे. इस पर करीब 10 मिनट बाद ही हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही फिर से मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई.