



Ram Singh Netaji Biography in Hindi - इस लेख में हम आपको राम सिंह नेताजी की जीवनी, शिक्षा, परिवार, बच्चों और राजनीतिक करियर के बारे में बताएंगे.
Ram Singh Netaji Latest News - राजनीति की दुनिया में, और विशेषकर देश की राजधानी दिल्ली में, अपनी पहचान बनाना कोई आसान बात नहीं है. जहां बड़े-बड़े दिग्गज राष्ट्रीय पार्टियों के सहारे भी अपनी जमीन तलाशते नजर आते है, वही राम सिंह नेताजी एक ऐसा नाम है, जिन्होंने बिना किसी गॉडफादर या राजनीतिक बैशाखी के अपनी पहचान स्वयं बनाई. दिल्ली के बदरपुर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में नेताजी ने वह कर दिखाया जो बहुत कम लोग कर पाते है. उनकी पहली जीत एक निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर तब हुई थी, जब क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस जैसे राष्ट्रीय पार्टियों का दबदबा था, हालांकि इस समय वह आप के टिकट पर जीतकर विधायक बने है, पर पहली बार वर्ष 1998 में एक निर्दलीय उम्मीदार के तौर पर अपने दम पर जीत दर्ज करके उन्होंने एक मिशाल कायम किया था. पेशे से कृषक रहे, नेताजी को क्षेत्र में जबर्दस्त जन समर्थक प्राप्त है, तभी तो वह क्षेत्र में तीन बार विधायक चुने जा चुके है. इस लेख में हम आपको राम सिंह नेताजी की जीवनी (Ram Singh Netaji Biography in Hindi) के बारें में जानकारी देने वाले है.
राम सिंह नेताजी का जन्म 1 जनवरी 1956 को नई दिल्ली के बदरपुर गांव में हुआ था. उनके पिता का नाम चौधरी कुंदन सिंह हैं. उनकी पत्नी का नाम श्रीमती भाग्यवती देवी है, चुनाव में दिए गए हलफनामें के अनुसार उनकी पत्नी गृहिणी है. उनके चार बच्चे है. 3 बेटे और 1 बेटी. राम सिंह नेताजी हिन्दू है और जाति से गुर्जर हैं. उनपर 0 आपराधिक मामले है.
राम सिंह नेताजी सातवीं कक्षा पास है. उन्होंने वर्ष 1969 में दिल्ली के बदरपुर से सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पढाई की.
पेशे से कृषक रहे राम सिंह नेताजी दिल्ली के बदरपुर क्षेत्र से है. उनकी राजनीतिक यात्रा करीब तीन दशक पहले शुरू हुई थी. पहली बार वे 1998 में दिल्ली की दूसरी विधानसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर ‘बदरपुर विधानसभा क्षेत्र’ से खड़े हुए और जीत गए. एक नेता के तौर पर यह उनकी पहली जीत थी और यही से वे क्षेत्र के जाने माने नेता बन गए. उन्होंने कांग्रेस के रामवीर सिंह बिधूड़ी को करीब चौदह हजार के वोटो के अंतर से पराजित किया था. ये वही रामवीर सिंह बिधूड़ी है, जो वर्त्तमान में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर 'दक्षिण दिल्ली लोकसभा सीट' से सांसद हैं.
दूसरी बार 2008 में उनकी जीत बसपा के टिकट पर हुई. राम सिंह नेताजी ने दिल्ली की चौथी विधानसभा में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के टिकट पर चुनाव लड़ा था और एक बार फिर जीत दर्ज की थी. इस बार भी उन्होंने कांग्रेस के रामवीर सिंह बिधूड़ी को पराजित करके यह सीट जीती थी. इस बार उन्होंने रामवीर सिंह बिधूड़ी को करीब 13 हजार के वोटो के अंतर से पराजित किया था.
दिल्ली के अगले विधानसभा चुनाव से पहले वे कांग्रेस में शामिल हो गए थे और 2013 का दिल्ली विधानसभा चुनाव उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर लड़ा और हार गए. उन्हें भाजपा के रामवीर सिंह बिधूड़ी करीब बारह हजार के मतों के अंतर से पराजित किया था. इसके बाद, दो वर्ष बाद हुए 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में एक बार फिर से उनकी हार हुई. उनकी हार की सिलसिला 2020 में भी जारी रही, हालांकि इस समय तक वे आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए. 2020 में उन्हें एक बार फिर से भाजपा के रामवीर सिंह बिधूड़ी ने पराजित किया था.
लेकिन आम आदमी पार्टी में शामिल होने के बाद जब उन्हें एक बार फिर से 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में ‘बदरपुर विधानसभा क्षेत्र’ से टिकट दिया गया तब इस बार उनकी जीत हो गई. उन्होंने 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के नारायण दत्त शर्मा को 25,888 वोटों के अंतर से हराया. इस समय वे यही से विधायक है.
दिल्ली का बदरपुर विधानसभा क्षेत्र, दिल्ली के 70 विधानसभा क्षेत्रों में से एक है. यह सीट दिल्ली के ‘दक्षिण पूर्वी दिल्ली’ जिले में स्थित है. दिल्ली का यह विधानसभा सीट 'दक्षिण दिल्ली' लोकसभा सीट का हिस्सा है. 'दक्षिण दिल्ली' लोकसभा सीट में कुल दस विधानसभा है, जिनमें बिजवासन, पालम, महरौली, छतरपुर, देवली, अंबेडकर नगर, संगम विहार, कालकाजी, तुगलकाबाद और बदरपुर शामिल है. इस सीट से अब तक जनता दल, बहुजन समाज पार्टी, कांग्रेस सहित निर्दलीय उम्मीदवार की एक- एक बार, जबकि भाजपा और आम आदमी पार्टी की दो-दो बार जीत हो चुकी है.
2025 के विधानसभा चुनाव में दाखिल किये गए घोषणापत्र के अनुसार राम सिंह नेताजी की कुल संपत्ति 89.67 करोड़ रूपये हैं जबकि उनपर 3.60 करोड़ रूपये का कर्ज है.
इस लेख में हमने आपको राम सिंह नेताजी की जीवनी (Ram Singh Netaji Biography in Hindi) के बारे में जानकारी दी है. अगर आपका कोई सुझाव है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं.


