मस्जिदों में लाउडस्पीकर का मुद्दा गूंजा सदन में, कानून व्यवस्था के मुद्दे पर हुई तीखी नोकझोंक

29 Jan 2026

टोंक जिले में अवैध हुक्काबार के मुद्दे से हुई प्रश्नकाल की शुरुआत, नए जिलों के गठन की भी उठी मांग, 8 साल की मासूम से रेपकांड को लेकर विपक्ष ने उठाया कानून व्यवस्था पर सवाल, प्रश्नकाल से शून्यकाल तक पक्ष-विपक्ष में दिखी खींचतान

राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र जारी है. गुरुवार को विधानसभा में कानून व्यवस्था, सड़कों की मंजूरी, नये जिले की मांग समेत मस्जिदों में लाउडस्पीकर के मुद्दे को लेकर पक्ष-विपक्ष में तीखी नोकझोंक हुई. शून्यकाल में विधायक बालमुकुंदाचार्य ने स्थगन प्रस्ताव के जरिये जयपुर के परकोटा क्षेत्र में मस्जिदों में लाउडस्पीकर पर तेज आवाज का मुद्दा उठाया. बालमुकुंदाचार्य ने सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए कहा कि लाउड स्पीकरों की आवाज निर्धारित मानकों से ज्यादा है, जिससे आम नागरिकों को परेशानी हो रही है. ऊंची मीनारों पर लगे लाउड स्पीकरों की तेज आवाज से लोगों की नींद प्रभावित होती है और यह नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है. इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई और एकाग्रता भी भंग हो रही है. विधायक ने आरोप लगाया कि जब स्थानीय लोग मस्जिदों में जाकर आवाज कम करने का अनुरोध करते हैं तो विवाद की स्थिति बन जाती है. बालमुकुंदाचार्य ने कहा कि रमजान के महीने तो स्थिति और भी खराब हो जाती है. मीनारों पर अतिरिक्त लाउड स्पीकर लगाए जाते हैं, जिससे समस्या और अधिक बढ़ जाती है. उन्होंने सरकार से मांग की कि इन लाउड स्पीकरों की आवाज तय मानकों के अनुसार कराई जाए या उन्हें हटवाया जाए, ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके.

नए जिलों के गठन की उठी मांग
प्रदेश में एक बार फिर नए जिलों के गठन की मांग उठी है। शून्यकाल के दौरान बांदीकुई से भाजपा विधायक भागचंद टाकड़ा ने बांदीकुई को जिला बनाए जाने की मांग रखी. उन्होंने कहा कि बांदीकुई का ऐतिहासिक महत्व रहा है, जहां ब्रिटिश काल में आगरा से पहली रेल चली थी और यहां एक ऐतिहासिक चर्च भी है. टाकड़ा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल में बांदीकुई को जिला नहीं बनाया गया, जबकि स्थानीय लोगों की लंबे समय से यही मांग रही है. उन्होंने सरकार से जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए बांदीकुई को जिला घोषित करने की मांग की.

ये भी पढ़े : ‘मामी’ कहकर जबरन घर में घुसा, तंत्र साधना के लिए 85 वर्षीय वृद्धा के साथ किया महापाप ! आरोपी गिरफ्तार

8 साल की मासूम से दुष्कर्म का मामला भी गूंजा
विधानसभा में शून्यकाल के दौरान कांग्रेस विधायक राजेंद्र पारीक ने महिला सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने एक 8 वर्षीय बालिका के साथ हुई दुष्कर्म की हृदय विदारक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे पहले खाजूवाला, सीकर और धोद क्षेत्रों में भी ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं. राजेंद्र पारीक ने चिंता जताई कि कालिका यूनिट और महिला डेस्क जैसी व्यवस्थाएं होने के बावजूद इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पाया है. उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं और ऐसे मामलों में कड़ी निगरानी की जरूरत है. ताकि ऐसी घटनाएं दुबारा ना हो.

प्रश्नकाल में भी हुई नोकझोंक

गुरुवार को प्रश्नकाल में भी कई मुद्दों पर सदन में पक्ष-विपक्ष के बीच नोकझोंक हुई. इस दौरान कई बार हंगामे की स्थिति भी बनी. प्रश्नकाल की शुरूआत टोंक जिले में अवैध हुक्काबार के मुद्दे से हुई और पहले सवाल पर ही सदन में हंगामे की स्थिति बन गई, जिसे विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने शांत कराया. प्रश्नकाल में विधायक रामसहाय वर्मा ने टोंक जिले में संचालित अवैध हुक्का बार का मुद्दा उठाया. वर्मा ने सवाल किया कि वर्ष 2023 से 2025 तक कितने अवैध हुक्का बार पर कार्रवाई की गई ? क्या बरामद किया गया ? इसके बाद गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने अपने जवाब में कहा कि ऐसे मामलों में कानून सम्मत कार्रवाई की जाएगी. पूरे प्रदेश को नशाखोरी से मुक्त करने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है.

https://www.youtube.com/watch?v=E5z17KrW8zQ

गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में हुक्काबार और नशाखोरी पर निरन्तर सख्त कार्रवाई कर रही है. प्रदेश में सभी प्रकार के अवैध मादक पदार्थों हुक्का आदि की रोकथाम के लिए स्पेशल टास्क फोर्स का गठन कर नशाखोरी को खत्म करने की दिशा प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि राज्य में पुलिस द्वारा निरंतर कोटपा (COTPA) एक्ट में हुक्का बार संचालकों के खिलाफ निरन्तर कार्रवाई की जा रही है. जिस मकान या स्थान में हुक्काबार संचालित पाये जाते हैं, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है. गृह राज्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2022 में 55 हजार 326, वर्ष 2023 में 25 हजार 885 हुक्का बार और अवैध गतिविधियां के मामले सामने आए थे. उस समय हुक्का बार और अवैध गतिविधियां चरम पर थीं. वर्तमान राज्य सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2024 और 2025 में पुलिस द्वारा प्रभावी कार्रवाई की गई, जिसके परिणामस्वरूप इस दौरान हुक्का बार और अवैध गतिविधियां के मामले घटकर 12 हजार 598 रह गए हैं.

गृह राज्य मंत्री बेढ़म ने बताया कि टोंक में पुलिस द्वारा 1 जनवरी 2023 से 3 दिसम्बर, 2025 तक अवैध हुक्का बार पर कुल 5 कार्रवाइयां की गई हैं. इनमें से 4 मामलों में बिल्डिंग के मालिक के खिलाफ भी पुलिस ने कार्रवाई की गई है. उन्होंने बताया कि टोंक में कोटपा एक्ट के तहत 1 जनवरी 2023 से 31 दिसम्बर,2025 की अवधि में कुल 284 व्येक्तियों के विरूद्व चालान कर नियमानुसार जुर्मानें की कार्रवाई की गई है तथा 8 व्यिक्तियों के विरूद्व प्रकरण दर्ज किए गये हैं,उन्होंने इसका विवरण सदन की मेज पर रखा.

प्रश्नकाल में पीपल्दा से विधायक चेतन पटेल ने सड़कों से जुड़ा सवाल पूछा. उन्होंने कहा कि घोषणा की पालना नहीं करने पर कौन जिम्मेदार है ? इसके जवाब में उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने पिछली सरकार की तुलनात्मक आकंड़े पेश करने की बात कही तो इस पर विपक्ष के सदस्य हंगामा करने लगे. सड़कों के निर्माण को लेकर विपक्ष की ओर से पूछे गए सवाल पर उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने कहा कि पिछली सरकार और मौजूदा सरकार की तुलना करते हुए कुछ आंकड़े रख रही हूं. सड़कों में बहुत अच्छा काम हुआ है. इतना सुनते ही विपक्षी विधायक हंगामा करने लगे.बाद में दीया कुमारी ने पूर्ववर्ती सरकार के 5 साल और भजनलाल सरकार के 2 साल का ब्यौरा सदन में रखा.