पुरुषों के मुकाबले 3 गुना ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, तब मिलती है महिलाओं को राजनीति में जगह- मैडम राजे

raje
24 Jan 2026
राजधानी जयपुर में राष्ट्रीय बालिका दिवस के मौके पर नारी शक्ति का अनूठा संगम हुआ. विधानसभा के कॉन्सिट्यूशन क्लब में जाट महिला शक्ति संगम कार्यक्रम का आयोजन किया. पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे जाट महिला शक्ति संगम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुईं. कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल करने वाली समाज की कई महिलाएं शामिल हुई. वसुंधरा राजे ने कहा कि महिलाओं को पुरुषों से तीन गुना अधिक मेहनत करनी पड़ती है, तब जाकर उन्हें राजनीति में स्थान मिलता है. पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा है कि महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में तरक्की कर रही है, इसके बावजूद अभी काफी पीछे हैं. उन्होंने कहा कि आजादी के समय भारत में महिलाओं की साक्षरता दर 9 प्रतिशत थी, आज 65 प्रतिशत है. देश के आम चुनावों में चुनाव लड़ने वाली महिलाओं की संख्या 10 प्रतिशत है, जबकि 1957 में सिर्फ 3 प्रतिशत ही थी. महिला सांसदों की संख्या पहली लोकसभा में 22 थी, आज 74 है. राज्यसभा में 1952 में महिला सदस्यों की संख्या 15 थी, आज 42 हो गई. लेकिन यह संख्या पर्याप्त नहीं है. यह संख्या पुरुषों के बराबर होना चाहिए. ये भी पढ़े : मदर ऑफ ऑल डील का ऐलान जल्द, भारत दौरे पर EU के टॉप लीडर्स वसुंधरा राजे ने कहा कि प्रतिभा पाटिल और द्रौपदी मुर्मू ने सिद्ध कर दिया कि शिक्षा सफलता की कुंजी है. डॉ.कमला बेनीवाल, हेमा मालिनी, सुमित्रा सिंह, डॉ.प्रियंका चौधरी, रीटा चौधरी, डॉ.शिखा मील और सुशीला बराला, पद्मश्री से सम्मानित कृष्णा पूनिया, कमला कंस्वा और दिव्या मदेरणा ने राजनीति के क्षेत्र में नाम किया है. कार्यक्रम को जाट महासभा के अध्यक्ष राजाराम मील ने भी संबोधित किया. राजाराम मील ने कहा कि जाट आरक्षण वसुंधरा राजे ने बचाया. यहां तक कि धौलपुर और भरतपुर के जाटों को आरक्षण भी वसुंधरा राजे ने ही दिलवाया. कार्यक्रम को विधायक डॉ.शिखा मील, पूर्व विधायक कृष्णा पूनिया,पूर्व न्यायाधीश डॉ.राजेंद्र चौधरी ने भी संबोधित किया. https://www.youtube.com/watch?v=Bj-w7qs5zRg