जयपुर । लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है इसी की एक नजीर जयपुर में देखने को मिली. जयपुर में 9 जनवरी को शराब के नशे में ऑडी कार से 16 लोगों को रौंदने वाला आरोपी दिनेश रिणवां वारदात के बाद मौके से फरार हो गया था. लेकिन ये फरारी आरोपी को गिरफ्तारी से भी भारी पड़ी. आरोपी नर्क जैसी जिदंगी जीने को मजबूर हो गया और फिर भी पुलिस की गिरफ्त बच ना सका और आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया. दिनेश रिणवां 65 लाख रुपए की ऑडी और 40 लाख रुपए की फॉर्च्यूनर कार से चलता था. जब आरोपी पुलिस गिरफ्त में आया तो वो घबराया हुआ और बदहवास हालत में था.
दिनेश रिणवां जब फरार हुआ तो अपने घर से पैसे और कुछ कपड़े भी ले गया था. इसके बावजूद उसे भूखे रहना पड़ा, भीख मांगनी पड़ी. जयपुर से भागते समय दिनेश का कपड़ों का बैग भी दोस्त की कार में छूट गया. CCTV कैमरों से बचने के आरोपी ने ऐसे रास्तों से निकला जहां कैमरे नहीं लगे थे. दूसरे दिन जब खेतों से होते हुए आरोपी रिंग रोड पर पहुंचकर आरोपी ने लिफ्ट मांगी तो लग्जरी कारों के मालिक को किसी ने लिफ्ट तक नही दी. जैसे तैसे करके आरोपी दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर पहुंच गया और पैदल ही चलता रहा. लगातार पैदल चलने और हाईवे पर खाना नहीं मिलने से दिनेश की हालत खराब हो गई. नायला के पास हाईवे किनारे भेड़ चराने वाले मिले तो आरोपी ने उनसे खाना मांग कर खाया और उनके साथ ही रात बिताई.
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अगले दिन एक ट्रक ड्राइवर ने उसे भिवाड़ी तक लिफ्ट दे दी. 11 जनवरी को आरोपी दिनेश करीब शाम 5 बजे भिवाड़ी पहुंचा. आरोपी भिवाड़ी के कई होटल्स में गया लेकिन आईडी नहीं होने के कारण किसी ने भी उसे होटल में कमरा नहीं दिया. बाद में आरोपी ने हाईवे पर ढाबे पर खाना खाया और सो गया. अगले दिन सुबह दिनेश ने घटना की जानकारी लेने के लिए लोगों से फोन मांगा तो किसी ने उसको फोन नहीं दिया और उसने 10 मिनट के लिए 100 रुपए देकर फोन लिया और अपने बारे में चल रही खबरों की जानकारी ली.
इसके बाद आरोपी एक ट्रक से लिफ्ट लेकर हरिद्वार पहुंच गया. वहां दिनेश एक परिचित होटल में कमरा लेने पहुंचा लेकिन आईडी नहीं होने के कारण उसको कमरा नहीं दिया. मजबूरन दिनेश को 2 दिन गंगा किनारे ही सोना पड़ा. इसके बाद आरोपी एक परिचित कंपनी में सोनीपत पहुंचा तो उसे बता चला कि पुलिस वहां भी उसकी तलाश कर रही है. वो फैक्ट्री से निकलकर हाईवे के एक ढाबे पर पहुंचा जहां वो मारपीट और लूट की वारदात का शिकार हो गया. बमुश्किल ढाबे वालों ने दिनेश को बदमाशों से बचाया.
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16 जनवरी को दिनेश सुबह सोनीपत से भिवाड़ी जाने वाली बस में बैठ गया, लेकिन उसके पास पैसे नहीं थे तो कंडक्टर ने उसे बस से उतार दिया. बाद में वो लिफ्ट लेकर भिवाड़ी पहुंचा. अगले दिन आरोपी ने अलग-अलग बहाने बनाकर ढाबे वालों से मदद मांगी, कुछ ने उसकी मदद कर दी तो कुछ ने उसे दुत्कार दिया. इसके बाद आरोपी जयपुर के लिए बस से रवाना हो गया. रास्ते में उसने किसी का फोन लेकर फेसबुक पर परिचितों से मदद मांगी और पुलिस को इसकी भनक लग गई और आखिरकार रविवार को रिंग रोड पर आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गया. पुलिस ने जब आरोपी को गिरफ्तार किया तो वो बदहवास हालत में था. पुलिस ने आरोपी पर 25 हजार रुपए का इनाम रखा था.