पुलिस-प्रशासन सम्मान और प्रोटोकॉल के साथ नहीं ले जाएगा, तब तक गंगा स्नान नहीं करूंगा- शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद

shankracharya
19 Jan 2026
प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की पालकी रोकने को लेकर विवाद गहरा गया है. शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद तब से ही अपने शिविर में धरने पर बैठे हैं और अन्न-जल त्याग दिया है. स्वामी अविमु्क्तेश्वरानंद पूरी रात ठंड में उसी स्थान पर धरने पर बैठे रहे जहां पुलिस उन्हें छोड़ गई थी।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा है कि जब तक पुलिस-प्रशासन सम्मान और प्रोटोकॉल के साथ नहीं ले जाएगा, तब तक गंगा स्नान नहीं करूंगा. उधर प्रशासन की तरफ से कोई अधिकारी उनसे मिलने नहीं पहुंचा. सुबह उन्होंने अपनी पूजा और दंड तर्पण उसी स्थान पर किया. शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का कहना है कि मुझे पालकी से उतारने की कोशिश की गई, पुलिस खींचतान कर रही थी. पुलिस का आरोप है कि शंकराचार्य के शिष्यों ने उदंडता की, इस पर शंकराचार्य ने कहा है कि पुलिस के आरोप बेबुनियाद है. पुलिस सीसीटीवी फुटेज दिखाये। उन्होंने कहा कि माघ मेला शंकराचार्यों ने बसाया है, ये परमिशन देने वाले कौन हैं। घटनाक्रम की जांच जारी- DM  प्रयागराज के DM मनीष कुमार वर्मा का कहना है कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बिना परमिशन के पालकी पर आये थे. उस समय संगम पर काफी भीड़ थी. उनके समर्थकों ने बैरियर तोड़े और पुलिस के साथ धक्कामुक्की की। प्रशासन पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहा है. उधर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सरकार के इशारे पर प्रशासन पर ये कार्रवाई करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि सरकार हमसे नाराज है. जब महाकुंभ में भगदड़ मची थी, तो मैंने उन्हें जिम्मेदार ठहराया था. अब वे शायद बदला लेने के लिए ऐसी कार्रवाई कर रहे हैं. प्रयागराज में ऐसे हुआ पूरा घटनाक्रम शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद माघ मेले में गंगा स्नान के लिए जा रहे थे, तभी पुलिस ने उनकी पालकी रोक दी और पैदल संगम तक जाने को कहा. इसी बीच शिष्यों की पुलिस से धक्का-मुक्की शुरू हो गई. पुलिस ने कई शिष्यों को हिरासत में ले लिया. एक साधु को चौकी में पीटने का भी वीडियो सामने आया है. पुलिस उनकी पालकी को खींचते हुए संगम से 1 किमी. दूर ले गई. इससे नाराज शंकराचार्य अन्न-जल त्याग कर धरने पर बैठ गए. वे स्नान भी नहीं कर पाये. प्रयागराज दुनिया का सबसे बड़ा शहर ! प्रयागराज प्रशासन के मुताबपिक मौनी अमावस्या पर 4 करोड़ 52 लाख लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई। इस आंकड़े के हिसाब से प्रयागराज रविवार को पूरी दुनिया के शहरों के हिसाब से सबसे बड़ी आबादी वाला शहर रहा। हाल के आंकड़ों पर नजर डालें तो विश्व का सबसे अधिक आबादी वाले शहर इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता की जनसंख्या करीब 4 करोड़ है, जबकि प्रयागराज में एक ही दिन में 4.52 करोड़ लोग पहुंचे.