‘पुराने लोगों को रिटायर होना चाहिए..’-कहीं गड़करी का इशारा उस ओर तो नहीं?
19 Jan 2026
नागपुर में ‘एडवांटेज विदर्भ–खासदार औद्योगिक महोत्सव’ को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का एक बयान सुर्खियों में छाया हुआ है. नागपुर में एसोसिएशन फॉर इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट (AID) इवेंट के दौरान उन्होंने कहा कि पुराने जनरेशन के लोगों को धीरे-धीरे रिटायरमेंट ले लेना चाहिए. गड़करी ने ये भी कहा कि नई पीढ़ी को जिम्मेदारी सौंपनी चाहिए और उनका मार्गदर्शन करना चाहिए. यह बयान देकर केंद्रीय मंत्री ने राजनीति में रिटायरमेंट वाली बहस को एक बार फिर से शुरू कर दिया है.इससे पहले संघ प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर में हुए एक आयोजन में अपने 75 साल पूरे होने पर राजनीति से रिटायरमेंट लेने के संकेत दिए थे. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी रिटायरमेंट की चर्चाएं पूरे देश में शुरू हो गयी थी. हालांकि इस संबंध में किसी ने भी कोई बयान साझा नहीं किया, बल्कि यह जरूर कहा कि भारतीय जनता पार्टी अगला लोकसभा चुनाव भी नरेंद्र मोदी के ही नेतृत्व में लड़ेगी. उसके बाद इस बहस को विराम मिल गया था लेकिन अब गड़करी के ताजा बयान ने एक बार फिर इस संबंध में जंग छेड़ दी.यह भी पढ़ें: शिंदे सेना को सताया ‘जैसे को तैसा’ का डर, ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ के डर से 5 स्टार होटल में शिफ्ट किए पार्षदमीडिया को संबोधित करते हुए नितिन गड़करी ने कहा, 'समय के साथ पीढ़ियों का बदलाव होना चाहिए. जब नए लोग ठीक से गाड़ी चलाने लगे तो सीनियर लोगों को पीछे हटकर दूसरा काम करना चाहिए.' राजनीति गलियारों में ये चर्चा भी है कि उनका यह बयान आलाकमान को रिटायरमेंट की ओर इशारा करने का एक तरीका भी हो सकता है. हालांकि जुलाई 2025 में एक इंटरव्यू में गड़करी ने इस बहस पर विराम लगाया था. गडकरी से जब पूछा गया कि क्या वे 75 साल की उम्र के बाद रिटायरमेंट लेंगे, तो उन्होंने जवाब दिया, 'जब तक स्वस्थ हैं और अच्छा काम कर सकते हैं, तब तक काम करते रहेंगे. जब लगे कि छोड़ देना चाहिए, तब छोड़ देंगे.' ऐसे में उनका यह ताजा बयान किस ओर संकेत दे रहा है, इस बारे में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं.