



शून्यकाल में इस संबंध में उठाये गये मुद्दे पर हस्तक्षेप करते हुए पायलट ने बताया कि पंचायत सहायकों के लिए जो व्यवस्था दो वर्ष पहले बनाई गई थी, उसको आगे बढ़ाया जाना चाहिए. इसके अनुसार प्रतिवर्ष इनके कार्यकाल को एक-एक वर्ष के लिए बढ़ाया जाता है. पायलट ने जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 26,383 पंचायत सहायक हैं. इन्हें प्रतिमाह 6 हजार रुपये वेतन दिया जा रहा है.राज्य में शीघ्र ही मनरेगा कार्यों के सामाजिक अंकेक्षण के लिए एक स्वतंत्र समाज SSAAT का गठन होगा। जो मनरेगा कार्यों का सामाजिक लेखा-जोखा करेगा, यह ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग से स्वतंत्र होगा तथा इसका उद्देश्य सामाजिक ऑडिट प्रक्रिया को मजबूत एवं गहरा करना होगा। pic.twitter.com/vKtJ5GRt6p
— Sachin Pilot (@SachinPilot) July 9, 2019


